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‘BJP को तीसरी बार रोकना है तो हमारे साथ आएं’, चुनाव से पहले ओवैसी का बड़ा ऐलान, अखिलेश के बयान पर भी दिया जवाब

Asaduddin Owaisi Statement: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लखनऊ में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जो पार्टी भाजपा को सत्ता में आने से रोकना चाहती है वह उनसे गठबंधन कर सकती है। इस दौरान ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव और राजनीतिक समीकरणों पर भी अपनी बेबाक राय रखी...
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Sep 20, 2026

Akhilesh Yadav Asaduddin Owaisi

अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी (Photo ANI)

UP Assembly Election 2027: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजनीतिक दलों और आगामी समीकरणों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि, "जो भी राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार तीसरी बार सत्ता में न आए, वह आगे आए और हमारे साथ गठबंधन करे।" हम गठबंधन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब यह तो वक्त ही बताएगा कि ऐसा गठबंधन हो पाता है या नहीं।

चुनाव और गठबंधन को लेकर ओवैसी का बयान

ओवैसी ने कहा कि हम नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बने। यदि कोई भी दल ऐसा है जो भाजपा को सरकार बनाने से रोकना चाहता है तो वह हमसे बात कर सकता है। हम भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझना जरूरी है कि अकेले दम पर भाजपा को नहीं रोका जा सकता है।

बिहार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमने बिहार में भी यही बात कही थी और हमारे प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने राजद, कांग्रेस और सभी वामपंथी दलों के नेताओं को पत्र लिखा था। हमने उनसे 6 सीटें मांगी थीं लेकिन वे इसके लिए सहमत नहीं हुए। ओवैसी ने दावा किया कि अब उनकी पार्टी का संगठन जमीनी स्तर पर काफी मजबूत हो चुका है और नेताओं का जनता से मजबूत संपर्क है। जनता सब देख रही है कि कौन भाजपा को रोकना चाहता है और कौन उसकी मदद कर रहा है।

अखिलेश के बयान पर दिया जवाब

अखिलेश यादव के बयान पर ओवैसी ने कहा कि AIMIM को पहले भी कई चुनावों में निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, 2014 में निशाना बनाया गया, 2017 में निशाना बनाया गया, 2019 में निशाना बनाया गया और 2022 में भी निशाना बनाया गया। हमें चार बार निशाना बनाया गया बताइए क्या हुआ? ओवैसी ने कहा कि अब अगर कोई उनके बारे में कुछ कहेगा तो वह उसका जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी की बात का जवाब दिए बिना नहीं रहेगी।

जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी की निंदा

जयंत चौधरी और उनके परिवार को लेकर दिए गए बयानों पर ओवैसी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वह जयंत चौधरी और उनकी पत्नी को अच्छी तरह जानते हैं। इस तरह के बयान देना पूरी तरह से गलत है और इससे बयान देने वाले की मानसिकता दुनिया के सामने बेनकाब होती है। ओवैसी ने कहा कि वह आज भी जयंत चौधरी से मिलते हैं और उनसे सवाल पूछते हैं कि चौधरी साहब आपने BJP क्यों ज्वाइन की, जिस पर वे मुस्कुराकर बाद में बात करने की बात कहते हैं। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन किसी पुराने साथी का इस तरह अपमान करना गलत मानसिकता को दर्शाता है।

मायावती की तारीफ में कही ये बात

बहुजन समाज पार्टी (BSP) और कांग्रेस के बारे में बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती की तारीफ करते हुए कहा कि मायावती भारतीय राजनीति की उन चुनिंदा शख्सियतों में से हैं जिन्होंने बिना किसी पारिवारिक विरासत या संपत्ति के अपने दम पर राजनीतिक सफर तय किया और इतिहास रचते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत से मुख्यमंत्री बनना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और इसी वजह से वे उनका बहुत सम्मान करते हैं।

कानपुर में कब्रिस्तान तोड़े जाने पर जताई कड़ी आपत्ति

कानपुर में कब्रिस्तान की जमीन पर हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कल सुबह पांच बजे यह कार्रवाई की गई जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बिना किसी कानून और नियमानुसार यह सब किया जा रहा है। न तो जीवित लोगों को बख्शा जा रहा है और न ही इस दुनिया से जा चुके लोगों को। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। आपने कई मस्जिदें तोड़ी हैं और अब कानपुर में कब्रिस्तान को भी ढाह दिया गया है। यह साफ तौर पर दिखाता है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार नफरत की राजनीति कर रही है।

'मुस्लिम समुदाय को सिर्फ वोटर बनाकर रखा गया'

ओवैसी ने अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा मुसलमानों को टिकट नहीं देती है और अन्य दल भी बहुत कम टिकट दे रहे हैं। आज मुसलमानों की स्थिति ऐसी बना दी गई है कि उन्हें केवल एक वोटर बनाकर छोड़ दिया गया है जो चुनाव के दिन बाहर निकले, वोट डाले और घर जाकर चुपचाप बैठ जाए। हम चाहते हैं कि उन्हें उनके पूरे अधिकारों के साथ नागरिक बनाया जाए।

अन्य दलों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि जब आप सत्ता में थे तब क्या मुजफ्फरनगर की घटना नहीं हुई थी? तब आपने कुछ नहीं किया और आज जब आप सत्ता में नहीं हैं तो अपना मुंह भी नहीं खोलते हैं। आज की भारतीय राजनीति की यही सच्चाई है कि मुस्लिम समुदाय को लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है।

AI के इस्तेमाल पर सपा और भाजपा पर निशाना

समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके एक दूसरे की आलोचना करने के मामले पर ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर हम असल गलतियों की बात करें तो मुजफ्फरनगर की घटना गलत थी। मुजफ्फरनगर के बाद हुए कई दंगे गलत थे। मस्जिदों को तोड़ना गलत है, कब्रिस्तानों को तोड़ना गलत है और फर्जी मुठभेड़ करना गलत है।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि अब इन सभी गंभीर मुद्दों और गलतियों को भुलाकर दोनों दल एआई के पीछे भाग रहे हैं। आज मानव जीवन का मूल्य अप्रासंगिक हो गया है और जनता को बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता का मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए एआई दोनों पार्टियों के लिए एक बेहतरीन जरिया बन गया है।

यूपी की कानून व्यवस्थाको लेकर साधा निशाना

ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और मौजूदा भाजपा सरकार दोनों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब एक अलग तरह की गुंडागर्दी होती थी और अब इस सरकार में दूसरे प्रकार की गुंडागर्दी हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां कानून के राज और उचित कानूनी प्रक्रियाओं का मनमाना उल्लंघन किया जा रहा है। भाजपा के शासन में कई गरीब लोगों की जमीनें छीन ली गई हैं। इसके अलावा बिजली जैसी बुनियादी समस्याएं भी बहुत बड़ा मुद्दा बन चुकी हैं और यह चुनाव किसी भी दल के लिए आसान नहीं होगा।

असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर गबन मामले का जिक्र करते हुए सरकार से कड़े सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर गबन मामले की एसआईटी रिपोर्ट को जनता के सामने क्यों नहीं लाया जा रहा है। सरकार इस रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है और इस मामले में आरोपियों को जमानत कैसे मिल रही है। यह सब बहुत अजीब है और आगामी समय में यह राजनीति का एक बहुत बड़ा मुद्दा बनने वाला है।

यूपी में AIMIM का राजनीतिक अभियान जारी

AIMIM ने उत्तर प्रदेश में अपना राजनीतिक अभियान तेज कर दिया है। पार्टी यूपी में गठबंधन की संभावनाओं पर भी बात कर रही है, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि गठबंधन किस पार्टी के साथ होगा और AIMIM कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी, BJP और अन्य दलों की राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में ओवैसी का गठबंधन को लेकर दिया गया बयान चुनावी रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। AIMIM ने गठबंधन के लिए अपने दरवाजे खुले रखने की बात कही है, हालांकि सीटों को लेकर अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।