उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे दिन में अंधेरा छा गया। मौसम विभाग ने गरज-चमक, वज्रपात और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। 30–40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं जनजीवन प्रभावित कर सकती हैं।
UP Sudden Rain Update: उत्तर प्रदेश में सर्दी का असर जारी है और मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात, कोहरा और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। 3 फरवरी की इस ट्रेंडिंग मौसम स्थिति से जनजीवन, यातायात और ग्रामीण क्षेत्रों में असर की उम्मीद जताई जा रही है। आज सुबह से ही आसमान में अंधेरा छाया रहा और कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई है। मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम में बदलाहट दिखाई दे रही है, जिससे कई जिलों में मौसम सामान्य ठंड से कहीं अधिक सक्रिय और अप्रत्याशित बना हुआ है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज उत्तर प्रदेश के बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात हो सकता है।
यह चेतावनी स्थानीय मौसम स्थिति के बदलते स्वरूप और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण दी गई है।
बारिश की यह स्थिति प्रभावित इलाकों में अंधेरा फैलाने के साथ-साथ जनजीवन में बदलाव ला रही है। दिन के समय भी घनघोर बादल छाये रहने से प्रकाश कम होने के कारण वातावरण ठंडा और ढलान जैसा नजर आता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मौसम में किसी भी बाहरी गतिविधि में हिस्सेदारी रखते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
कुछ हिस्सों में विशेष रूप से हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों में तेज़ हवाओं के 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की आशंका है। तेज हवाओं की इस स्थिति से जहां पेड़-पौधों पर दबाव बढ़ेगा, वहीं बिजली के खंभों, खुले स्थानों और उत्पातक तत्वों के प्रभाव की संभावना भी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बाहरी गतिविधियों, खेतों में काम, सड़क-यात्रा और निर्माण कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि तेज हवाएं अचानक से मौसम की स्थिति को अधिक कठिन बना सकती हैं।
बारिश और तेज हवाओं के साथ-साथ मौसम विभाग ने घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट भी जारी किया है। विशेषकर बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सहारनपुर और आसपास के इलाकों में कोहरा फैलने की संभावना अधिक है। घना कोहरा सड़क और रेल मार्गों पर दृश्यता को कम कर सकता है, जिससे यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोहरे के कारण सुबह-शाम के समय वाहनों की धीमी रफ्तार, सड़क पर सावधानी पूर्वक ड्राइविंग और संभवतः रेल तथा हवाई मार्गों पर कुछ देरी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदेश में अभी भी ठंड का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तापमान में हल्का अस्थिर व्यवहार दिख रहा है। दिन में बादलों की मौजूदगी, बारिश की संभावना और तेज हवाओं के चलते तापमान सामान्य से थोड़ा नीचा या अस्थिर बना रहेगा, जबकि सुबह और रात के समय कोहरे के प्रभाव से ठंड और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय पर ग्रामीण इलाकों और खुले क्षेत्रों के किसानों को हाइब्रिड फसल संरक्षण, बाहरी पशुपालन और सिंचाई कार्य करते समय मौसम परिवर्तन का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि अचानक बदलते मौसम से फसलों और पशुओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
बारिश, कोहरा और तेज हवाओं का यह संयोजन यातायात व्यवस्था पर प्रभाव डाल सकता है। विशेष तौर पर सुबह-शाम के समय कोहरे के कारण,सड़क पर दृश्यता कम होगी। वाहनों की गति धीमी रहेगी। संभावित दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसी प्रकार रेल और हवाई मार्गों पर भी मौसम के प्रभाव के चलते समयबद्धता में व्यवधान आ सकता है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम अपडेट नियमित रूप से जांचें और यात्रा के समय पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
मौसम विभाग ने लोगों से निम्न सावधानियां बरतने की अपील की है,सुबह और शाम के समय कोहरे में विशेष सतर्कता। तेज हवाओं और बारिश के समय खुले स्थानों से बचना। कहीं बिजली गिरने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाना
.घरों के आसपास ढीले उपकरणों को मजबूती से जोड़ना। खेतों के कार्य को मौसम के अनुसार पुनर्विचार। यह मौसम रिपोर्ट उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है जहां सर्दी में मौसम की अचानक बदलाव की संभावनाएं अधिक हैं। ऐसे में सावधानी ही सुरक्षा का प्रमुख मार्ग है।