Sugarcane Pest Alert News: उत्तर प्रदेश में बढ़ते तापमान के बीच गन्ने की फसल पर चूसक कीटों का खतरा बढ़ा, विभाग ने अलर्ट जारी कर किसानों को बचाव और नियंत्रण के जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी।
Sugarcane Pest Alert in UP: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने फसल को कीटों से बचाने के लिए अलर्ट जारी किया है। अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ला के मुताबिक इस समय चूसक कीटों का खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने जरूरी सुझाव दिए हैं।वर्तमान में तापमान अधिक होने के कारण उत्तर प्रदेश में गन्ने के पौध और पेड़ी फसल में चूसक कीटों का प्रकोप देखा जा रहा है, जिससे फसल की वृद्धि और उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने इन चूसक कीटों की पहचान, लक्षण एवं प्रभावी नियंत्रण के संबंध में विस्तृत जानकारी किसानों के लिए साझा की है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अप्रैल से जून के बीच तापमान में वृद्धि और वातावरण में नमी की कमी चूसक कीटों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करती है। यही वजह है कि इस समय गन्ने की फसल इन कीटों के हमले के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो गन्ने की बढ़वार रुक सकती है और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
1. काला चिकटा (ब्लैक बग)
काला चिकटा एक प्रमुख चूसक कीट है, जिसका रंग काला होता है। यह मुख्य रूप से पेड़ी फसल में अधिक दिखाई देता है।
यह कीट गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को प्रभावित करता है।
2. थ्रिप्स कीट
थ्रिप्स आकार में बहुत छोटे (2-3 मिमी) होते हैं, लेकिन इनका प्रभाव काफी गंभीर होता है।
हालांकि, बारिश शुरू होने पर इनकी संख्या में कमी आने लगती है।
3. सैनिक कीट (पत्ती खाने वाला कीट)
यह कीट सूंडी अवस्था में गन्ने की पत्तियों को कुतरकर खाता है।
इन कीटों के कारण गन्ने की फसल पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं:
गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने किसानों के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए हैं, जिन्हें अपनाकर इन कीटों के प्रभाव को कम किया जा सकता है:
विशेषज्ञों ने कीट नियंत्रण के लिए कुछ रसायनों के उपयोग की भी सलाह दी है:
इन दवाओं को 625 लीटर पानी में घोलकर सुबह या शाम के समय छिड़काव करना चाहिए।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से अपने खेतों का निरीक्षण करें और जैसे ही कीटों के लक्षण दिखाई दें, तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाएं। देरी करने पर नुकसान बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और फसल को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विभाग समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दे रहा है।