पारा अगले हफ्ते 50 डिग्री तक पहुँच सकता है।
लखनऊ। सूबे में गर्मी अपना केहर बरसा रही है। अधिकतर शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार है। लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। जिले के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. लेकिन अभी अगले दस दिन गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। जानकारों की माने तो पारा अगले हफ्ते 50 डिग्री तक पहुँच सकता है।
प्रदेश के पश्चिमी इलाके, पूर्वांचल , अवध सभी इलाकों में गर्मी अपना रिकॉर्ड तोड़ रही है। कुछ शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस से लेकर 47 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। सूरज की तपिश मानो हर दिन नये रिकार्ड की तलाश में है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। इस बार गर्मी अपने रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है। अगले एक हफ्ते में ही पारा पचास डिग्री के आंकड़े को पार कर सकता है। इलाहाबाद के लोगों को कहना है कि इतनी गर्मी उन्होंने इससे पहले कभी नहीं झेली है।
तापमान पर एक नज़र
नोएडा में तापमान 42 डिग्री, बुलंदशहर में 44 डिग्री, लखनऊ में 44 डिग्री, बांदा में 45 डिग्री, मेरठ में 38 डिग्री, कानपुर में 40 डिग्री, उन्नाव में 39 डिग्री, झांसी में 43 डिग्री तक पहुंच गया है।
ये है गर्मी का नक्षत्र कनेक्शन
जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो इसके साथ ही नौतपा शुरू हो जाता है। नौतपा उसे कहते हैं जिसमें गर्मी के दिनों में 9 दिन बहुत तेज गर्मी पड़ती है। 25 मई को जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में शाम 7.53 बजे प्रवेश करेगा और 3 जून तक रोहिणी नक्षत्र में ही रहेगा और इन 9 दिनों के बीच बहुत तेज गर्मी पड़ेगी क्योंकि ये 9 दिन तक सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक आ जाता है। जिससे बहुत तेज गरमी पड़ती है।
कैसे करें अपना बचाव
गर्मी से अभी से ग्लूकोज को सेवन करना शुरू कर दें और ऐसी गर्मी में धूप में न निकलें। इसके अलावा जब भी आपको पानी कमी महसूस हो तो समय समय पर पानी ग्लूकोज के साथ भी पीते रहें है। जिससे आप आने वाली भीषण गर्मी से बच सकें। इसके अलावा दोपहर में सीधा धूप में जाने से बचें। मुंह ढक के चले।
पानी की किल्लत भी आने लगी सामने
खेतों की सिंचाई के साथ शहरों में पीने के पानी की किल्लत शुरू हो चुकी है। तालाब से लेकर नलकूप तक सूखने लगे हैं। राजधानी में ही कटौता झील सूख चुकी है। लोगो पानी के टैंकरों से अपनी प्यास बुझा को मजबूर है। जलाशय को बचाने के लिए सरकार के तमाम दावे भी खोकले ही साबित हो रहे हैं।
आगजनी की समस्याएं बढ़ी
गर्मी की आहट के साथ ही प्रदेश भर में आगजनी की घटनाओं में वृद्धि होने लगी है। फरुखाबाद, हरदोई, ललितपुर, जालौन जैसे इलाकों में खेतों में आग लगने के मामले सामने आए तो बड़े शहरों में बिजली ट्रांसफॉर्मरों में आग लगी। भारी गर्मी को देखते हुए फायर ब्रिगेड भी दुरस्त हो चुका है।
मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने कहा कि तापमान में वृद्धि के लिए साफ़ आस्मान और सूखी उत्तर-पश्चिमी हवाएं जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण जैसे कारक और एक क्षेत्र में ठोस संरचनाओं की उच्च सांद्रता तापमान में भिन्नता पैदा कर सकती है। आने वाले दिन गर्मी से सतर्क रहें।