
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 'बुलडोजर कार्रवाई' पर रोक लगा दी है. 'बुलडोजर कार्रवाई' के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सार्वजनिक सड़क या रेलवे या जल निकायों पर अतिक्रमण के मामले को छोड़कर बिना अनुमति के देश में 1 अक्टूबर तक कोई भी तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर बसपा प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया दी है।
बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, " बुलडोजर विध्वंस कानून का राज का प्रतीक नहीं होने के बावजूद इसके प्रयोग की बढ़ती प्रवृति चिंतनीय। वैसे बुलडोजर व अन्य किसी मामले में जब आम जनता उससे सहमत नहीं होती है तो फिर केंद्र को आगे आकर उस पर पूरे देश के लिए एक-समान गाइडलाइंस बनाना चाहिए, जो नहीं किए जा रहे हैं। वरना बुलडोजर एक्शन के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट को इसमें दखल देकर केंद्र सरकार की जिम्मेदारी को खुद नहीं निभाना पड़ता, जो यह जरूरी था। केंद्र व राज्य सरकारें संविधान व कानूनी राज के अमल होने पर जरूर ध्यान दें।"
इससे पहले उन्होंने अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे को लेकर भी हमला बोला था। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "श्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली के सीएम पद से अब इस्तीफा देना वास्तव में जनहित/जनकल्याण से दूर इनकी चुनावी चाल व राजनीतिक पैंतरेबाजी, किंतु उनके लंबे समय तक जेल में रहने के कारण दिल्ली की जनता ने जो अनगिनत असुविधाएं व समस्याएं झेलीं हैं उसका क्या? उसका हिसाब कौन देगा?"