
Keshav Prasad Maurya Latest Statement: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर हलचल तेज हो गई है। दरअसल यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का एक निजी चैनल को दिया गया इंटरव्यू सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में उन्होंने बेबाक अंदाज में अपनी मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा जाहिर की है। उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तंज कसते हुए इसे भाजपा के अंदर मची अंदरूनी कलह करार दिया।
एक इंटरव्यू के दौरान जब केशव प्रसाद मौर्य से पूछा गया कि वह कब तक डिप्टी CM ही बने रहेंगे और क्या उनकी कभी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा है? इस सवाल का बड़े ही सधे हुए अंदाज में जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है कि अगली बार लोग मुझे मुख्यमंत्री के रूप में देखें। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा भी संभव है कि अगली बार उन्हें पार्टी किसी और भूमिका में रखा जाए।
डिप्टी सीएम ने अपनी इच्छा को खुलकर स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता। मेरी भी महत्वाकांक्षा है कि मैं सीएम बनूं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला वह खुद नहीं ले सकते। सीएम पद का अंतिम फैसला हमेशा पार्टी का शीर्ष नेतृत्व और विधायक दल ही करता है। केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि फिलहाल हमारा और पार्टी का पहला लक्ष्य 2017 की तरह ही प्रचंड बहुमत हासिल करना है। उन्होंने बताया कि चुनाव में बहुमत मिलने के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक आते हैं और विधायकों से फीडबैक लेने के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाता है।
केशव मौर्य के इस बयान के आते ही कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तुरंत इस मौके को लपकते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि, "मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं- केशव प्रसाद मौर्य। अगर किसी और पार्टी के किसी नेता ने, अभी यही कहा होता तो यह सुर्खियां बन जातीं जैसे- रस्साकशी, सीधा टकराव, आंतरिक कलह, मतभेद, अराजकता। उन्होंने तंज कसते हुए आगे लिखा कि...उत्तर प्रदेश में भाजपा के डूबते जहाज को अब कोई नहीं बचा सकता।
केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके बीच मतभेदों को लेकर समय-समय पर अटकलें लगाई जाती रही हैं। हालांकि केशव मौर्य ने पार्टी नेतृत्व के फैसले को सर्वोपरि बताया है लेकिन उनके इस बयान और उस पर सुप्रिया श्रीनेत के पलटवार ने यूपी की राजनीति का पारा एक बार फिर से बढ़ा दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने केशव मौर्य के बयान को मुद्दा बनाकर भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। सुप्रिया श्रीनेत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हैं।