
Milan Pradhan Arrest: पश्चिम बंगाल कीनंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। यह घटनाक्रम तब सामने आया, जबममता बनर्जीके गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया और ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई। मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर कहा, "भारतीय जनता पार्टी और सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार से डरे हुए हैं और उन्हें कांग्रेस से डर लगता है। वे जानते हैं कि बंगाली बोलने वाले लोग और पश्चिम बंगाल की जनता भारतीय जनता पार्टी के आतंक से मुक्ति चाहती है।"
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डरी हुई है और बढ़त हासिल करने के लिए सही या गलत हर तरीका अपना रही है। नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर कांग्रेस MP इमरान मसूदने कहा, "वे डरे हुए हैं और बढ़त बनाने के लिए हर मुमकिन तरीका अपना रहे हैं—चाहे सही हो या गलत। उन्होंने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है। यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है, और राहुल गांधी की पहल लोगों को यह समझने में मदद कर रही है। अब, हमें लोकतंत्र और संविधान बचाना होगा। हम यह लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी हालत में चुनाव लड़ेंगे; कांग्रेस के सदस्य डरेंगे नहीं।"
दरअसल, मिलन प्रधान को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनकी गिरफ्तारी 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक पुराने कथित हत्या मामले में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने भी भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधा। जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने जैसे ही मिलन प्रधान को नंदीग्राम से मैदान में उतारा, शुभेंदु अधिकारी को उनसे खतरा महसूस होने लगा। जोशी ने कहा कि मिलन प्रधान 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में एक अहम चेहरा थे। उनके मुताबिक शुभेंदु अधिकारी भी उस आंदोलन से जुड़े रहे थे और वह मिलन प्रधान की ताकत को अच्छी तरह जानते हैं।