अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है
लखनऊ, तहरीक फिक्र-ए-मिल्लत फाउण्डेशन उ0प्र0 के महासचिव हनीफ खांन ने देश में बढ़ते धार्मिक उन्माद, लचर स्वास्थ्य व्यवस्था, अराजकता और हिंसा को लेकर प्रदेश व केन्द्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कई गम्भीर सवाल उठाए। हनीफ ने कहा कि जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में लोकतंत्र पर भीड़तन्त्र हावी हो रहा है यह गंभीर चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में लागातार अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। जो प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के नारे की पोल खोलता है।
हनीफ खांन ने झारखण्ड में भीड़ द्वारा हिंसा का शिकार हुए तबरेज अंसारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दलित व मुस्लिम समाज के लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है उनसे जबरन धार्मिक नारे लगवाये जाते हैं और उनकी हत्या कर दी जाती है। सरकार की चुप्पी ऐसे लोगों के हौसले बढ़ा रही है। अकेले झारखण्ड में ही पिछले कुछ वर्षों में बलात्कार, हत्या और लूट जैसी घटनाएं चरम पर हैं। वहीं बिहार में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते 200 बच्चे जान गंवा चुके हैं वहीं इन्दौर में भाजपा विधायक बल्ला लेकर नगर निगम के अधिकारियों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं लोकतंत्र के चौथे खम्भे मीडिया को औकात दिखाने की बात की जा रही है।
इन सभी मुद्दों पर केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा कोई कार्यवाही न करना शर्मनाक है। वहीं इन गम्भीर मुद्दों पर विपक्ष भी सड़कों पर संघर्ष करता नहीं दिख रहा है। हनीफ खान ने लोहिया जी की बात दोहराते हुए कहा कि अगर सड़कें सूनी हो जाएंगी तो संसद बेलगाम हो जाएगी। सरकार और विपक्ष के नकारेपन की कीमत देश की जनता को चुकानी पड़ रही है।