तन्वी और उनके पति अनस का पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है।
लखनऊ. तन्वी पेट पासपोर्ट मामले में नया मोड़ आया है। तन्वी और उनके पति अनस का पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है। इस मामले में मंगलवार को पुलिस ने जांच रिपोर्ट पासपोर्ट कार्यालय में भेज दी है। इस जांच रिपोर्ट में तन्वी व उनके परिवार का एक साल से लखनऊ में नहीं रहना बताया गया है। ऐसे में पुलिस ने एडवर्स रिपोर्ट लगाई है। पुलिस की इस रिपोर्ट के आधार पर अब पासपोर्ट विभाग तन्वी व उनके पति अनस सिद्दीकी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगेगा। इसके बाद दोनों का पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा।
लग सकता है जुर्माना
विभागीय अफसरों का कहना है कि झूठी जानकारी देने पर विभाग ₹5000 तक का जुर्माना भी वसूल सकता है। साथ ही विभाग धोखाधड़ी व गुमराह उमरा करने के लिए कानूनी कार्रवाई करते हुए तन्वी के खिलाफ FIR दर्ज करवा सकता है। मामले में एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि पासपोर्ट कार्यालय में से दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद जांच की गई है। इस में दिए गए पते का सत्यापन किया गया है। इससे पता चला है कि यह ससुराल का पता है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। वह अपने पति के साथ 1 साल से नॉयडा मे रह रही हैं। इस बात को जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कर पासपोर्ट विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है। अब आगे की कार्यवाही पासपोर्ट विभाग द्वारा की जाएगी।
पासपोर्ट रद्द होने के बाद रिकवर होना मुश्किल
पासपोर्ट रद्द होने के बाद उसको रिकवर कराना विभाग के लिए आसान नहीं होगा। विभाग एडवर्स रिपोर्ट के आधार पर पासपोर्ट तत्काल रद्द तो कर सकता है लेकिन उसे वापस नहीं ले सकते। ऐसे में वीजा लेने की प्रक्रिया को छोड़कर आवेदक किसी भी काम में पासपोर्ट को ID प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है। एडवर्ड रिपोर्ट लगाने पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
अनस के बिना गए पास कर दी गई थी फाइल
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने पासपोर्ट की प्रक्रिया में भी नियमों को ताक पर रख दिया था। पहले दिन रतन स्क्वायर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर अनस की फाइल वरिष्ठ अधीक्षक संजय श्रीवास्तव ने काउंटर पर होल्ड कर दी थी जिसके बाद अनास वापस चले गए थे जबकि दूसरे दिन अनस सीधे गोमती नगर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पहुंचे थे। आरटीओ पीयूष वर्मा ने पासपोर्ट सेवा केंद्र को निर्देश देकर अनस की फाइल को आगे बढ़ाकर पासपोर्ट जारी कर दिया था जबकि अनस को पासपोर्ट सेवा केंद्र पर जाना जरूरी था। उनके बगैर गए पासपोर्ट जारी कर देना बड़ी गड़बड़ी है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को पुलिस रिपोर्ट पर नहीं है यकीन
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा को पुलिस की रिपोर्ट पर कोई यकीन नहीं है। एडवर्स रिपोर्ट लगाने के बाद भी आरटीओ का कहना है कि वह रिपोर्ट का परीक्षण करेंगे कि आखिर एडवर्ड रिपोर्ट क्यों आई है। उन्होंने कहा कि इस तरह से सैकड़ों आवेदकों की रिपोर्ट एडवांस आती है बाद में सामान्य की प्रक्रिया पूरी कर समस्या का निस्तारण कर दिया जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह पिछले तन्वी 1 साल से लखनऊ में नहीं रहती है फिर भी आरटीओ मानने को तैयार नहीं है। जिस तरह से उन्होंने 21 तारीख के नियमों को ताक पर रखकर पासपोर्ट जारी किया था उसे सही साबित करने में वह जुटे हुए हैं। आरटीओ का कहना है कि पुलिस रिपोर्ट के परीक्षण के बाद यदि साबित होता है कि तन्वी और अनस नोएडा में रहते हैं और यहां से पासपोर्ट लिया है तो उनको नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। उसके बाद उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा।