उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्तियों में गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा
लखनऊ. उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPPSC) ने साल 2020 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था जिसमें कुल 16 परीक्षाओं को जगह दी गई थी। 22 मार्च से शुरू होने वाली यूपीपीएससी की खण्ड शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक), कम्प्यूटर सहायक, अधीनस्थ सेवा परीक्षा, सहायक अभियोजन अधिकारी आदि परीक्षाओं से पहले सरकार ने यूपी लोकसेवा आयोग की भर्तियों में मिलने वाले आरक्षण में संशोधन किया है। सरकार ने यूपी लोकसेवा आयोग की भर्तियों में आर्थिक रूप से कमजोरों को 10 प्रतिशत कोटा देने को कानूनीजामा पहनाया है। गुरुवार को विधानसभा में यूपी सरकार लोकसेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) विधेयक, 2020 को मंजूरी दे दी। इसका लाभी आर्थिक रूप से सभी पिछड़ों को मिलेगा।
आरक्षण का लाभ पाने के लिए शर्तें
यूपी सरकार लोकसेवा विधेयक के तहत आरक्षण का लाभ पाने वालों के परिवार के सभी स्रोतों से होने वाली कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आरक्षण का लाभ पाने वालों को अपने क्षेत्र के तहसीलदार से जारी आय और परिसंपत्ति का प्रमाण पत्र भी देना होगा। हालांकि, यूपीपीएससी में यह व्यवस्था 18 फरवरी, 2019 के एक आदेश से लागू है, लेकिन अब इसे विधिक रूप दिया गया है।