
Terror Of Rats:लोगों के लिए चूहे परेशानी का सबब बन चुके हैं। उत्तराखंड के नैनीताल लिए चूहे खतरे का सबब बन चुके हैं। चूहों की वजह से शहर में ब्रिटिशकालीन धरोहरों, घर और दीवारें खतरे में पड़ गई हैं। चूहों के कारण शहर में भू-स्खलन की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ये चूहे शहर के लिए खतरा बन चुके हैं। इससे निपटने के लिए अब प्रशासन स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। बीते एक साल से शहर के लोग चूहों से हो रही समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई सुरक्षा दीवारों समेत घरों को चूहे धीरे-धीरे खोखला कर रहे हैं। पालिका से मिली जानकारी के अनुसार जल्द एक टीम गठित की जाएगी। जो स्थानीय लोगों की मदद से चूहों के अड्डों की तलाश कर इस समस्या के समाधान के उपाय खोजेगी। टीम को पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी लीड करेंगे। नगर पालिका के ईओ दीपक गोस्वामी के मुताबिक चूहों द्वारा दीवारों आदि को खोखला करने का मामला संज्ञान में आया है। इस समस्या के समाधान के लिए टीम गठित की जाएगी। टीम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी समेत सफाई निरीक्षक और कर अनुभाग के कार्मिक शामिल रहेंगे।
नैनीताल शहर में बढ़ते चूहे बड़े खतरे का संकेत दे रहे हैं। भूगर्भ विज्ञानी कह चुके हैं कि यदि चूहे मिट्टी या सीमेंट को कुतरते रहेंगे, तो आने वाले दिनों में परिणाम गंभीर हो सकते हैं। शहर में चूहों से पैदा होने वाले खतरे का आभास पहली बार तब हुआ था, जब मल्लीताल स्थित ऐतिहासिक बैंड स्टैंड की मरम्मत का काम शुरू किया गया। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को पता चला कि चूहों ने बैंड स्टैंड की दीवार को नीचे से खोखला कर दिया है। मल्लीताल बाजार में भी आए दिन दुकानों से चूहों के कुतरे सामान को हटाया जाता रहता है।