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UP Voter List Revision: यूपी वोटर लिस्ट अपडेट: 3 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस, 85% मामलों की सुनवाई पूरी

UP Voter List Revision Notices:  उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत सवा तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। 85 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जारी है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 07, 2026

सवा तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस, 85 प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी (फोटो सोर्स : Chief Electoral Officer office WhatsApp News Group)

सवा तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस, 85 प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी (फोटो सोर्स : Chief Electoral Officer office WhatsApp News Group)

UP Voter List Revision: उत्तर प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चलाया गया मतदाता सूची का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस संबंध में शनिवार को Office of the Chief Electoral Officer Uttar Pradesh में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक चली दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और नाम हटाने से संबंधित आवेदन किए। इसके साथ ही मिलान न कराने वाले मतदाताओं और तार्किक विसंगति वाले मामलों में नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया भी संचालित की गई।

मसौदा मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाता

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें

  • पुरुष मतदाता: 6,88,43,159 (54.83%)
  • महिला मतदाता: 5,67,08,747 (45.17%)
  • तृतीय लिंग मतदाता: 4,119
  • यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश में महिला मतदाताओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

सवा तीन करोड़ मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस

पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार,

  • मिलान न कराने वाले मतदाता: लगभग 1.04 करोड़
  • तार्किक विसंगतियों वाले मतदाता: 2.22 करोड़

इस प्रकार कुल मिलाकर करीब सवा तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। इनमें से लगभग 3.06 करोड़ नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 14 जनवरी 2026 से शुरू हुई, जबकि सुनवाई की पहली तिथि 21 जनवरी 2026 निर्धारित की गई।

85 प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब तक 85.8 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। सुनवाई प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रदेश भर में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO),12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) तैनात किए गए थे। इसके अलावा प्रदेश में कुल 5,621 स्थानों पर सुनवाई केंद्र स्थापित किए गए, जहां मतदाताओं की समस्याओं का समाधान किया गया।

मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं

पुनरीक्षण अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं और उनके प्रतिनिधियों को अधिकतम सहायता प्रदान की जाए। इसके साथ ही मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से भी छूट दी गई थी। यदि कोई मतदाता किसी कारणवश सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकता था, तो वह अपने प्रतिनिधि को अधिकृत कर सकता था।

मतदान केंद्रों पर भी हुई सुनवाई

मतदाताओं की सुविधा के लिए कई स्थानों पर सुनवाई प्रक्रिया मतदान केंद्रों पर भी आयोजित की गई। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ने मतदाताओं से दस्तावेज प्राप्त करने और आवश्यक जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे मतदाताओं को लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ी और अधिक से अधिक लोग सुनवाई प्रक्रिया में शामिल हो सके।

दावा और आपत्ति अवधि में बड़ी संख्या में आवेदन 

दावा और आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च 2026) के दौरान बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। फॉर्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण) इस अवधि में कुल 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें

  • पुरुष: 34,96,911
  • महिलाएं: 35,72,603
  • तृतीय लिंग: 296

18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 47,81,526 युवा मतदाताओं ने भी आवेदन किया। यदि 27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक के आंकड़े देखें तो कुल 86,69,073 फॉर्म-6 प्राप्त हुए। फॉर्म-7 (नाम विलोपन) दावा और आपत्ति अवधि में 2,68,682 फॉर्म-7 प्राप्त हुए। जबकि 27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 3,18,140 आवेदन नाम हटाने के लिए प्राप्त हुए।

फॉर्म-8 (संशोधन और परिवर्तन)

  • इस अवधि में 16,33,578 फॉर्म-8 प्राप्त हुए। इनमें
  • पता परिवर्तन: 1,12,877
  • प्रविष्टियों में सुधार: 14,88,115
  • ईपिक प्रतिस्थापन: 31,602
  • दिव्यांग मतदाताओं का चिन्हांकन: 984
  • 27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 22,55,473 फॉर्म-8 प्राप्त हुए।

बिना प्रक्रिया के नहीं हटेगा कोई नाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना विधिक प्रक्रिया के नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मसौदा मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए पहले नोटिस जारी करना और फिर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद आदेश पारित करना अनिवार्य है।

राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी

पुनरीक्षण प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी रही। राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ पांच बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में पुनरीक्षण प्रक्रिया की प्रगति और दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की गई। प्रदेश में इस दौरान कुल 3,090 बैठकें आयोजित की गई, जिनमें राजनीतिक दलों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

बूथ लेवल एजेंटों की भूमिका

राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। इन एजेंटों ने मतदाताओं को आवेदन करने और आवश्यक जानकारी देने में मदद की।

अभियान दिवस आयोजित

अधिक से अधिक मतदाताओं को सूची में शामिल करने के उद्देश्य से चार विशेष अभियान दिवस भी आयोजित किए गए। ये अभियान दिवस 11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी 2026 को आयोजित हुए। इन दिनों बूथ स्तर पर अधिकारी मौजूद रहे और मतदाताओं के आवेदन स्वीकार किए गए।

शिकायतों का प्रभावी निस्तारण

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान शिकायतों के निस्तारण के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म भी सक्रिय रहे। राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकते थे और उनकी स्थिति भी ट्रैक कर सकते थे। फरवरी 2026 में शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता के आधार पर उत्तर प्रदेश को पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ।

हेल्पलाइन और कॉल सुविधा

मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 और राज्य स्तर पर संपर्क केंद्र भी संचालित किए गए। अब तक राज्य संपर्क केंद्र में 30,079 कॉल और जिला संपर्क केंद्रों में 78,920 कॉल प्राप्त हुईं, जिनका समाधान किया गया।

बीएलओ से सीधे संपर्क की सुविधा

मतदाताओं को अपने बूथ लेवल अधिकारी से सीधे संपर्क करने की सुविधा भी प्रदान की गई। इस सुविधा के तहत लगभग 7.99 लाख कॉल बुक की गई, जिनमें से 96 प्रतिशत से अधिक कॉल्स का समाधान किया गया।

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पारदर्शिता और विश्वास की दिशा में कदम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, त्रुटिहीन और अद्यतन बनाना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने की पहल

उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। इसके बावजूद प्रशासन, चुनाव अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों और राजनीतिक दलों के सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह प्रक्रिया न केवल आगामी चुनावों की पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी, बल्कि लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।