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Beauty With Brain: ‘लेडी सिंघम’ IPS अंशिका वर्मा की सक्सेस स्टोरी, जानिए उनका पूरा सफर

‘Lady Singham’ IPS Anshika Verma:उत्तर प्रदेश कैडर की तेजतर्रार आईपीएस Anshika Verma ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर हैं। कड़ी मेहनत और बिना कोचिंग यूपीएससी पास कर आज Bareilly में एएसपी के रूप में सेवाएं दे रही हैं।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 07, 2026

बिना कोचिंग बनी IPS, ‘लेडी सिंघम’ अंशिका वर्मा आज बरेली में संभाल रहीं बड़ी जिम्मेदारी (फोटो सोर्स : X)

बिना कोचिंग बनी IPS, ‘लेडी सिंघम’ अंशिका वर्मा आज बरेली में संभाल रहीं बड़ी जिम्मेदारी (फोटो सोर्स : X)

Lady Singham IPS: उत्तर प्रदेश पुलिस में कई ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और बेहतरीन कार्यशैली से एक अलग पहचान बनाई है। उन्हीं में से एक हैं Anshika Verma, जिन्हें उनके सख्त तेवर और तेज तर्रार पुलिसिंग के कारण अक्सर ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है।

वर्तमान में Bareilly में एएसपी (बरेली साउथ) के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा अपनी प्रभावी कार्यशैली और अपराध नियंत्रण के लिए जानी जाती हैं। महिलाओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था को मजबूत करना और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई उनके कार्यकाल की प्रमुख विशेषताएं रही हैं। उनकी सफलता की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है, खासकर उन युवतियों के लिए जो प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखती हैं।

‘लेडी सिंघम’ की पहचान

आईपीएस अंशिका वर्मा को ‘लेडी सिंघम’ की उपाधि यूं ही नहीं मिली। उनकी सख्त कार्यशैली, अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और तेज निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें यह पहचान दिलाई है। पुलिसिंग के दौरान उनका रवैया बेहद अनुशासित और सख्त माना जाता है। वे अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के लिए जानी जाती हैं। इसके साथ ही जनता के साथ संवाद बनाए रखना भी उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका मानना है कि पुलिस का असली उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बनाना भी है।

बरेली में संभाल रहीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

वर्तमान में Anshika Verma Bareilly के बरेली साउथ क्षेत्र में एएसपी के रूप में तैनात हैं। यह क्षेत्र प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां उन्होंने अपराध नियंत्रण को लेकर कई सख्त कदम उठाए हैं। खासतौर पर महिलाओं से जुड़े अपराधों पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया है। महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी है। इसी कारण उनकी कार्यशैली की व्यापक चर्चा होती रहती है।

पहली महिला SOG कमांडो यूनिट का नेतृत्व

अंशिका वर्मा की एक और विशेष उपलब्धि यह है कि वे बरेली में पहली महिला स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कमांडो यूनिट का नेतृत्व कर रही हैं। यह पहल महिला पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस यूनिट के माध्यम से महिला पुलिसकर्मी भी कठिन और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं।

आगरा और गोरखपुर में भी दे चुकी हैं सेवाएं

बरेली से पहले Anshika Verma उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उन्होंने Agra और Gorakhpur जैसे संवेदनशील जिलों में भी काम किया है। इन जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की। उनकी कार्यशैली हमेशा अनुशासन, पारदर्शिता और सख्ती के लिए जानी जाती है। यही कारण है कि वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं।

मार्शल आर्ट में भी प्रशिक्षित

अंशिका वर्मा केवल एक प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं बल्कि शारीरिक रूप से भी बेहद मजबूत और प्रशिक्षित हैं। वे मार्शल आर्ट में भी प्रशिक्षित हैं और फिटनेस को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानती हैं। उनका मानना है कि पुलिस अधिकारी के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मजबूत होना जरूरी है, ताकि वह किसी भी चुनौती का सामना कर सके।

यूपीएससी की तैयारी बिना कोचिंग के

आईपीएस बनने का सफर अंशिका वर्मा के लिए आसान नहीं था। उन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने UPSC Civil Services Examination की तैयारी बिना किसी कोचिंग के की थी। पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी कमजोरियों को समझा और दूसरी बार और अधिक मेहनत के साथ परीक्षा दी। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 2020 में यूपीएससी परीक्षा में 136 वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया।

इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक का सफर

आईपीएस अंशिका वर्मा का शैक्षणिक बैकग्राउंड इंजीनियरिंग से जुड़ा हुआ है। उन्होंने Galgotias College of Engineering and Technology से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक की डिग्री हासिल की है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यह निर्णय लिया कि वे सिविल सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना चाहती हैं। इसके बाद उन्होंने पूरी मेहनत के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

युवाओं के लिए प्रेरणा

आज Anshika Verma की सफलता की कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। खासकर वे छात्र-छात्राएं जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं, उनके लिए अंशिका वर्मा एक आदर्श उदाहरण हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर किसी व्यक्ति में दृढ़ संकल्प और मेहनत करने का जज्बा हो, तो वह बिना किसी कोचिंग के भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

महिलाओं के लिए प्रेरणादायक व्यक्तित्व

आज के समय में जब महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, ऐसे में अंशिका वर्मा जैसे अधिकारी महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आते हैं। उन्होंने यह दिखाया है कि महिलाएं भी पुलिस जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। उनकी कार्यशैली, साहस और नेतृत्व क्षमता यह संदेश देती है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।

समाज में सुरक्षा और विश्वास का संदेश

आईपीएस अंशिका वर्मा का मानना है कि पुलिस का सबसे बड़ा दायित्व समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाना है। वे हमेशा यह कोशिश करती हैं कि जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद बना रहे। उनका कहना है कि जब जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है, तभी अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है।

मेहनत और लगन की मिसाल

‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर अंशिका वर्मा की कहानी केवल एक आईपीएस अधिकारी बनने की कहानी नहीं है, बल्कि यह मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी भी है। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है। आज वे न केवल एक सक्षम पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत भी बन चुकी हैं।