
सीएम योगी पहुंचे, संगठन और सरकार के तालमेल पर मंथन (फोटो सोर्स : Information Department )
RSS-BJP Coordination Meeting in Agra: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की अहम समन्वय बैठक आगरा में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी शामिल होने के लिए आगरा पहुंच चुके हैं। यह बैठक आगरा के माल रोड स्थित Amar Convention Center में आयोजित की जा रही है, जहां संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल तथा आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
इस समन्वय बैठक को उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरकार के कामकाज, संगठन की सक्रियता और जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन को लेकर गंभीर मंथन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों और पदाधिकारियों के कार्यों की रिपोर्ट पहले ही संगठन और नेतृत्व के पास पहुंच चुकी है। जिन मंत्रियों की उपलब्धि अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई है, उनके खिलाफ कड़ा निर्णय लिया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन लोगों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि हुई है, उन्हें पद से हटाया भी जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक यह बैठक लगभग ढाई घंटे तक चल सकती है। इसमें संघ और भाजपा के चुनिंदा पदाधिकारी ही शामिल होंगे। बैठक में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत, संगठन की सक्रियता और जनता तक पहुंच को लेकर भी समीक्षा की जाएगी।
इस अहम बैठक में भाजपा और संघ के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary (प्रदेश अध्यक्ष) के साथ-साथ संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इसके अलावा भाजपा संगठन महामंत्री Dharampal Singh भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। इन नेताओं के साथ संघ के प्रमुख पदाधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे और संगठनात्मक रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे।
सूत्रों के अनुसार बैठक में राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का जनता पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, इस पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सरकार की योजनाएं किस तरह से जमीनी स्तर तक पहुंच रही हैं और उनमें सुधार की क्या संभावनाएं हैं।
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो बैठक में कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन पर भी चर्चा हो सकती है। बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों की उपलब्धियां अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे में उनके कामकाज की समीक्षा की जा सकती है और आवश्यक होने पर सरकार में बदलाव भी किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बैठक का एक बड़ा उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले संगठन को और मजबूत बनाना भी है। भाजपा और संघ दोनों ही चाहते हैं कि संगठन का नेटवर्क बूथ स्तर तक सक्रिय और मजबूत रहे। इसलिए बैठक में कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच लंबे समय से वैचारिक और संगठनात्मक संबंध रहे हैं। ऐसे में समय-समय पर इस तरह की समन्वय बैठकें आयोजित की जाती हैं, ताकि दोनों के बीच तालमेल और बेहतर हो सके। इस बैठक में भी पार्टी और संघ के बीच बेहतर समन्वय को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
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Published on:
07 Mar 2026 04:04 pm
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