मुख्य सचिव के लिए तीन आईएएस अफसरों के नाम दौड़ में शामिल हैं। हालांकि, कौन बनेगा मुख्य सचिव इस पर फैसला नहीं लिया गया है
लखनऊ. उत्तर प्रदेश का अगला मुख्य सचिव कौन होगा? वर्तमान मुख्य सचिव राजीव कुमार का कार्यकाल क्या बढ़ाया जाएगा? इस बात को लेकर इन दिनों नौकरशाही में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कई नामों पर कयास लगाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। यदि वर्तमान मुख्य सचिव राजीव कुमार को सेवा विस्तार नहीं दिया गया, तो उनकी जगह किसे मुख्य सचिव बनाया जाएगा, इस बात को लेकर 1984 बैच के दो आईएएस अफसरों के नाम दौड़ में प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये नाम हैं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव डीएस मिश्रा और इंडस्ट्री और इन्फ्रास्ट्रक्टर के अपर सचिव के पद पर तैनात अनूप पांडे। हालांकि लोकसभा चुनावों को देखते हुए माना जा रहा है कि उप्र के मुख्य सचिव की कुर्सी इस बार मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की पसंद वाले आईएएस को ही मिलेगी ताकि चुनाव के समय तक सरकार की उपलब्धियों को जनता तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
जून में सेवानिवृत हो रहे हैं राजीव कुमार
अगर राजीव कुमार को सेवा विस्तार नहीं मिलता है, तो संभव है उन्हें सेवानिवृत के बाद संघ लोक सेवा आयोग का सदस्य या प्रतिस्र्पधा आयोग का चेयरमेन बनाया जा सकता है। राजीव कुमार जून 2018 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हालांकि, ऐसा तभी होगा अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें मुख्य सचिव के तौर पर एक्सटेंशन नहीं देते हैं। अगर राजीव कुमार को सेवा विस्तार मिल भी जाता है, तो भी यह 6 महीनों के लिए ही होगा। इसका मतलब 6 महीने के बाद उप्र सरकार को दूसरे मुख्य सचिव की तलाश करनी ही पड़ेगी। बहरहाल, मुख्य सचिव की दौड़ में डीएस मिश्रा और अनूप पांडे के अलावा 1982 और 1983 बैच के तीन अन्य ऑफिसर्स के नाम भी शामिल हैं।
इन अफसरों के नाम दौड़ में शामिल
मायावती सरकार में प्रमुख सचिव रह चुके डीएस मिश्रा को राजीव कुमार की जगह मुख्य सचिव बनाया जा सकता है। हालांकि, ये तभी होगा अगर राजीव कुमार को एक्सटेंशन नहीं मिलता है। हालांकि योगी आदित्यनाथ खुद अपना मुख्य सचिव चुनेंगे या पीएमओ किसी आईएएस को उत्तर प्रदेश भेजेगा यह अभी तय नहीं है। जैसा कि राजीव कुमार की तैनाती के मामले में हुआ था। क्योंकि योगी आदित्यनाथ राहुल भटनागर को ही मुख्य सचिव के पद पर तैनात रखना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राहुल अब केंद्र सरकार में खेल सचिव और खेल प्राधिकरण के महानिदेशक हैं। मुख्य सचिव की दौड़ में एक अन्य आईएएस संजय अग्रवाल का नाम भी आगे है। यह बसपा सरकार में काफी शक्तिशाली थे। सपा सरकार में भी इन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी निभाई थी।
अनूप पाण्डे से खुश योगी
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इंडस्ट्री और इन्फ्रास्ट्रक्चर के अपर सचिव पद पर तैनात अनूप पांडे को मुख्य सचिव बना सकते हैं। अनूप पाण्डे ने कई लेवल्स पर काम किया है लेकिन आज तक उन्हें लेकर किसी तरह की विवाद नहीं हुए हैं। उन्होंने किसानों की कर्ज माफी और इन्वेस्टर समिति को बखूबी अंजाम दिया है। कुछ यह कारण है जिनकी वजह से मुख्यमंत्री उनसे प्रभावित हैं।
बढ़े मुख्य सचिव पद के दावेदार
अपर मुख्य सचिव के वेतमान में 10 और अफसरों की पद्दोनति हुई है, जिससे की प्रदेश सरकार के पास मुख्य सचिव के चयन के लिए अफसरों के विकल्प बढ़ गए हैं। इस लिहाज से प्रदेश सरकार के पास मुख्य सचिव पद के लिए 1982 बैच से लेकर 1987 बैच तक के अधिकारियों का विकल्प मौजूद है।