
लखनऊ : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने न केवल राज्य की सियासी तस्वीर बदल दी है, बल्कि कई नेताओं के अहंकार को भी शांत कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान यूपी कैडर के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' IPS अजय पाल शर्मा को खुलेआम चुनौती देने वाले टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता अब पूरी तरह बैकफुट पर हैं।
चुनाव के दौरान दक्षिण 24 परगना की फालता विधानसभा सीट पर भारी तनाव था। चुनाव आयोग ने यहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश के कड़क पुलिस अधिकारी IPS अजय पाल शर्मा को पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया था।
अजय पाल शर्मा ने अपनी छवि के अनुरूप सख्त रुख अपनाया और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के घर पहुंचकर दो टूक चेतावनी दी थी कि यदि हिंसा या चुनावी गड़बड़ी हुई, तो परिणाम भुगतने होंगे।
आईपीएस अधिकारी की इस सख्ती से टीएमसी बौखला गई थी। तब प्रवक्ता रिजु दत्ता ने एक वीडियो जारी कर अजय पाल शर्मा पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था हमारी नजर आप पर है। 4 मई के बाद भाजपा नेता भी आपको नहीं बचा पाएंगे। हम आपको यूपी से बंगाल घसीट लाएंगे।
जैसे ही चुनाव परिणाम आए और बंगाल की सत्ता बदली, रिजु दत्ता के तेवर भी ठंडे पड़ गए। अब रिजु दत्ता ने 15 मिनट का एक लंबा वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने, शुभेंदु अधिकारी से अपनी सभी विवादित टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह भी स्वीकार किया कि अब उन्हें बीजेपी नेताओं ने उनकी सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है।
दिलचस्प बात यह है कि शुभेंदु अधिकारी से माफी मांगने वाले रिजु दत्ता ने उस आईपीएस अधिकारी (अजय पाल शर्मा) का जिक्र तक नहीं किया, जिन्हें उन्होंने कभी 'देख लेने' की धमकी दी थी। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सत्ता जाते ही 'बंगाल बुलाने' का दावा करने वाले अब खुद को बचाने की जुगत में लगे हैं। आईपीएस अजय पाल शर्मा यूपी के दबंग अफसरों में से एक हैं। वह चुनाव पर्यवेक्षक बनाकर पश्चिम बंगाल भेजे गए थे।