
Internship for UG, PG Courses: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने नई रिसर्च इंटर्नशिप गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए इंटर्नशिप जरूरी होगी। छात्रों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। नई गाइडलाइन में इंटर्नशिप की अवधि और क्रेडिट्स की भी जानकारी दी गई है। इसके साथ मल्टीपल एंट्री और एग्जिट का भी प्रावधान है। छात्र अगर बीच में कोर्स छोड़ने के बाद दोबारा वहीं से ज्वाइन करना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी सुविधा मिलेगी। सभी छात्रों के लिए इंटर्नशिप करना अनिवार्य होगा जिसकी समय सीमा उस कोर्स की अवधि पर निर्भर करेगी जो छात्र पढ़ना चाहेंगे। स्किल लर्निंग पर भी जोर देने को कहा गया है।
10 हफ्ते की इंटर्नशिप जरूरी
एक साल के बाद कोर्स छोड़ने पर छात्रों को सर्टिफिकेट मिलेगा जिसके लिए 8-10 हफ्ते की इंटर्नशिप होगी। इसके 10 क्रेडिट प्वाइंट्स भी होंगे। दो साल बाद कोर्स छोड़ने पर डिप्लोमा मिलेगा। इसके लिए भी 8-10 हफ्ते की इंटर्नशिप जरूरी होगी और 10 क्रेडिट प्वाइंट्स मिलेंगे। 7वें सेमेस्टर यानी चौथे साल में 10 हफ्ते की इंटर्नशिप जरूरी होगी और 10 क्रेडिट प्वाइंट्स भी मिलेंगे। वहीं, जो छात्र रिसर्च के साथ चार साल का कोर्स करेंगे उन्हें एक साल का रीसर्च और 30 क्रेडिट प्वाइंट्स मिलेंगे।
इस तरह मिलेगी इंटर्नशिप
छात्र या तो खुद रिसर्च इंटर्नशिप के लिअ आवेदन कर सकते हैं या अपने पेरेंट संस्थान के फैकल्टी के माध्यम से इंटर्नशिप कर सकते हैं। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जहां छात्र रिसर्च इंटर्नशिप्स के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। संस्थान अपने मानकों के अनुसार इंटर्न्स का चयन करेंगे।