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‘शादी के 9 दिन बाद उजड़ा सुहाग, CM योगी की तारीफ करने पर सपा ने पार्टी से निकाला’, अब BJP ने दिया बड़ा पद, जानिए कौन हैं पूजा पाल?

Pooja Pal Political Journey: पूजा पाल का राजनीतिक सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। मायावती और अखिलेश यादव दोनों ही नेताओं ने उन्हें अपनी पार्टी से बाहर निकाला था। अब पूजा पाल को BJP में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जानिए पूजा पाल का सियासी सफर...
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Jun 25, 2026

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यूपी में भाजपा उपाध्यक्ष बनीं पूजा पाल (फोटो- पत्रिका)

Pooja Pal Inside Story: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूजा पाल एक जाना पहचाना नाम है। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष का पद सौंपा है। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पूजा पाल का सियासी जीवन काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाली पूजा पाल को समाजवादी पार्टी (SP) ने तब बाहर का रास्ता दिखा दिया था, जब उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलेआम तारीफ की थी।

कौन हैं पूजा पाल?

पूजा पाल प्रयागराज जिले से आती हैं और बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक दिवंगत राजू पाल की पत्नी हैं। पिछले काफी समय से उनकी नजदीकियां BJP के साथ बढ़ती दिख रही थीं और पार्टी के प्रति उनका नरम रुख सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था। अब बीजेपी ने उन्हें अपने संगठन में उपाध्यक्ष बनाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इसे पार्टी के सोशल इंजीनियरिंग और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को साधने के अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

अतीक के खिलाफ एक्शन पर योगी को कहा था थैंक्यू

उत्तर प्रदेश विधानसभा में पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति की जमकर सराहना की थी। पूजा पाल ने भरे सदन में कहा था कि वह मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा करना चाहती हैं, क्योंकि उन्होंने ही उन्हें इंसाफ दिलाया है जबकि किसी और ने उनकी बात तक नहीं सुनी। इस बयान के कुछ ही घंटों के भीतर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के हस्ताक्षर वाला निष्कासन पत्र जारी हो गया था। सपा ने उन पर पार्टी निर्देशों की अनदेखी और संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाकर उन्हें बाहर कर दिया था।

शादी के 9 दिन बाद उजड़ गया था सुहाग

पूजा पाल की शादी तत्कालीन विधायक राजू पाल से हुई थी, लेकिन शादी के महज 9 दिन बाद ही उनके पति की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पूजा पाल ने इस जघन्य हत्याकांड का सीधा आरोप माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों पर लगाया था। योगी सरकार में अतीक अहमद और उसके गैंग पर हुई सख्त कार्रवाई से पूजा पाल को न्याय की उम्मीद दिखी थी, जिसके चलते उन्होंने सीएम योगी का आभार जताया था।

BSP से शुरू हुआ था सियासी सफर

पूजा पाल के राजनीतिक सफर की शुरुआत मायावती की बहुजन समाज पार्टी के साथ हुई थी। पति की हत्या के बाद बसपा ने उन्हें इलाहाबाद शहर पश्चिमी सीट पर हुए उपचुनाव में अतीक अहमद के भाई अशरफ के खिलाफ टिकट दिया था हालांकि उस वक्त उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद साल 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में पूजा पाल ने बसपा के टिकट पर लगातार जीत दर्ज की।

मायावती ने भी किया था बाहर

फरवरी 2018 में जब पूजा पाल ने बीजेपी के कद्दावर नेता और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। इसके बाद साल 2019 में पूजा पाल समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर कौशांबी जिले की चैल सीट से बड़ी जीत हासिल की। अब वह औपचारिक रूप से भाजपा संगठन का एक बड़ा चेहरा बन चुकी हैं।