
पूर्वी तट के निम्न दबाव क्षेत्र के मध्य प्रदेश पहुंचने से बदला मौसम का मिजाज, दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के आसार, अन्य हिस्सों में छिटपुट वर्षा की संभावना (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP Monsoon Update: सावन के पावन महीने में जहां एक ओर "बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ कांवड़ यात्रा और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में मानसून की चाल भी बदलती नजर आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम आकलन के अनुसार पूर्वी तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी-पूर्वी मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है।
इसके प्रभाव से मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से थोड़ा दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे उत्तर प्रदेश में बारिश का स्वरूप भी बदलने लगा है। लखनऊ मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि लखनऊ मंडल सहित प्रदेश के अधिकांश अन्य हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी।
लखनऊ मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार वर्तमान में मानसूनी द्रोणी बीकानेर, ग्वालियर, उत्तरी-पूर्वी मध्य प्रदेश स्थित निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से होकर पुरी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस मौसम तंत्र के कारण नमी का प्रवाह मध्य भारत की ओर अधिक केंद्रित हो गया है। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भागों में बादलों की सक्रियता बनी रहेगी, जबकि मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि निम्न दबाव क्षेत्र के आगे बढ़ने के साथ ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का दायरा और सीमित हो जाएगा।
राजधानी लखनऊ सहित मंडल के उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी में अगले 24 घंटों के दौरान हल्के बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है। हालांकि व्यापक और लगातार बारिश की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। दिन में धूप निकलने के कारण तापमान में मामूली बढ़ोतरी तथा हवा में नमी अधिक रहने से उमस लोगों को परेशान कर सकती है। सुबह और शाम के समय बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने के संकेत हैं। इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने तथा छोटे नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन को आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर रहने का अनुमान है। कानपुर, आगरा, मेरठ, अलीगढ़, बरेली, शाहजहांपुर, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना कम है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक अधिकांश स्थानों पर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन लगातार तेज बारिश की स्थिति नहीं बनेगी।
कृषि विशेषज्ञ अविनाश का कहना है कि धान, मक्का, तिलहन और दलहन की फसलों के लिए इस समय नियमित वर्षा लाभदायक होती है। यदि बारिश का क्रम लंबे समय तक कमजोर रहा तो खेतों में नमी कम होने लगेगी और सिंचाई की आवश्यकता बढ़ सकती है। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है, वहां किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को जलभराव से नुकसान न पहुंचे।
सावन के पवित्र महीने में प्रदेश भर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में है और "बम-बम भोले" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मौसम में नमी और हल्की फुहारों के बीच श्रद्धालु उत्साह के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रमुख शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, यातायात और चिकित्सा व्यवस्थाओं को मजबूत किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार जैसे-जैसे निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा, उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और कमजोर हो सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने की संभावना है। तापमान में बहुत अधिक वृद्धि नहीं होगी, लेकिन उमस लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमानों पर नजर बनाए रखने और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
Updated on:
10 Aug 2026 11:44 am
Published on:
10 Aug 2026 11:40 am
