Aadhaar Biometric: उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट के लिए बड़ा अभियान शुरू होगा। यूआईडीएआई स्कूल-कॉलेजों में विशेष कैंप लगाएगा, जहां 5 और 15 वर्ष के छात्रों का आधार अपडेट निशुल्क किया जाएगा।
UIDAI Campaign: उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों के आधार कार्ड के बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कैंप लगाकर आधार बायोमीट्रिक अपडेट कराने की योजना बनाई है। इस अभियान के तहत प्रदेश के हजारों शिक्षण संस्थानों में शिविर लगाए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को अपने आधार कार्ड का बायोमीट्रिक अपडेट कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
यूआईडीएआई के इस फैसले से लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में करीब पौने चार करोड़ विद्यार्थियों का आधार बायोमीट्रिक अपडेट अभी बाकी है, जिसे जल्द पूरा करने के लिए यह व्यापक अभियान शुरू किया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत अब उन शिक्षण संस्थानों में भी आधार अपडेट कैंप लगाए जाएंगे जहां कम से कम 500 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इससे पहले यह सीमा 1000 छात्रों की थी, लेकिन अब इसे घटाकर 500 कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक स्कूल और कॉलेज इस अभियान में शामिल हो सकें।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा कम किए जाने से छोटे और मध्यम आकार के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आसानी से यह सुविधा मिल सकेगी। इससे बड़ी संख्या में छात्रों का आधार अपडेट जल्दी पूरा हो सकेगा।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश भर में करीब डेढ़ लाख शिक्षण संस्थानों की पहचान की गई है। इनमें सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूल और कॉलेज भी शामिल हैं। यूआईडीएआई की ओर से इन संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में आधार कार्ड के बायोमीट्रिक अपडेट की पूरी प्रक्रिया मौके पर ही पूरी की जाएगी।
आधार कार्ड बनवाने के बाद बच्चों के बायोमेट्रिक डेटा को दो बार अपडेट करना अनिवार्य होता है। पहली बार यह अपडेट पांच वर्ष की उम्र में और दूसरी बार 15 वर्ष की उम्र में कराया जाना आवश्यक है।विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के बढ़ने के साथ उनके फिंगरप्रिंट और अन्य बायोमेट्रिक विवरण में बदलाव आ सकता है। इसलिए निर्धारित आयु पर इनका अपडेट किया जाना जरूरी होता है, ताकि आधार डेटा सटीक और उपयोगी बना रहे।
यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के लिए यह बायोमीट्रिक अपडेट पूरी तरह निशुल्क होगा। कैंप में पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस व्यवस्था से अभिभावकों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें आधार अपडेट के लिए अलग से केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्कूल या कॉलेज परिसर में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में लगभग पौने चार करोड़ विद्यार्थियों का आधार बायोमीट्रिक अपडेट अभी भी बाकी है। यह संख्या काफी बड़ी है और इसी कारण इस अभियान को व्यापक स्तर पर शुरू किया जा रहा है। यदि यह अभियान सफल रहता है तो बड़ी संख्या में बच्चों का आधार अपडेट जल्दी पूरा किया जा सकेगा। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में भी उन्हें आसानी होगी।
आज के समय में आधार कार्ड कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। छात्रवृत्ति, स्कूल में प्रवेश, सरकारी सहायता और कई अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार की जरूरत पड़ती है। यदि आधार का बायोमीट्रिक अपडेट समय पर नहीं कराया जाता है तो कई बार आधार से जुड़ी सेवाओं में परेशानी आ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यूआईडीएआई ने यह विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस अभियान को सफल बनाने में स्कूल प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। शिक्षण संस्थानों को छात्रों और अभिभावकों को इस अभियान के बारे में जानकारी देनी होगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी कैंप में पहुंचकर अपना आधार अपडेट करा सकें। इसके अलावा स्कूलों को कैंप के आयोजन के लिए आवश्यक स्थान और अन्य व्यवस्थाएं भी उपलब्ध करानी होंगी। इससे शिविर सुचारु रूप से संचालित किए जा सकेंगे।
यूआईडीएआई और शिक्षा विभाग की ओर से अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की गई है। उनसे कहा गया है कि जब उनके बच्चे के स्कूल में आधार अपडेट कैंप लगे तो वे सुनिश्चित करें कि बच्चे उसमें भाग लें और अपना बायोमीट्रिक अपडेट कराएं। अधिकारियों का कहना है कि यदि अभिभावकों और स्कूलों का सहयोग मिला तो इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का आधार अपडेट जल्दी पूरा किया जा सकेगा।
यह अभियान डिजिटल पहचान प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधार भारत की सबसे बड़ी पहचान प्रणाली है और इसके माध्यम से कई सेवाओं को पारदर्शी और आसान बनाया गया है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट के लिए इस तरह का अभियान चलाना एक बड़ी पहल माना जा रहा है। इससे न केवल विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी बल्कि आधार डेटा की सटीकता भी सुनिश्चित हो सकेगी।