
UCC Amit Shah Statement Opposition Reaction: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान ने सियासी घमासान खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि 2029 तक भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के सभी 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हो जाएगा। इस ऐलान के बाद विपक्षी दलों ने तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'जनता समझ रही है भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दरअसल उसकी फुल फॉर्म कुछ और है—UCC = Underground Communal Conspiracy।'
उन्होंने स्लोगन अंदाज में कहा, 'पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ। नया जुमला न लेकर आओ और न जनता को बहकाओ। 15 लाख खाते में पहुंचाओ, यूसीसी फिर बाद में…' अखिलेश ने दो करोड़ नौकरियां, युवाओं को रोजगार, स्कूलों को बंद होने से बचाने और महिलाओं की सुरक्षा जैसे पुराने वादों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल में यूसीसी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 के खिलाफ है। ओवैसी का तर्क है कि धार्मिक स्वतंत्रता को समाप्त करके ऐसा कानून लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने गृह मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि पहले गोवा में यूसीसी लागू करके दिखाएं।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमित शाह के बयान का समर्थन किया। आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा कि समान आचार संहिता हमारे घोषणा पत्र और संकल्प पत्र का हिस्सा है। यह हमारा कमिटमेंट है। गृह मंत्री जी ने जो कहा है, वह हमारी पॉलिसी का हिस्सा है। उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में भी जल्द यूसीसी लागू हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बारे में जरूर कोई फैसला लेंगे। विपक्ष की आपत्तियों पर भूपेंद्र चौधरी का जवाब था कि भाजपा ने संकल्प पत्र के वादे पूरे किए हैं और यूसीसी भी उनमें शामिल है, इसलिए इसे भी पूरा किया जाएगा। अमित शाह के बयान के बाद यूसीसी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया है।