दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को भर्ती करा दिया गया है, लेकिन उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और कहा जा रहा है कि उसकी जान को खतरा बना हुआ है।
लखनऊ. दिल्ली के एम्स अस्पताल (Delhi AIIMS) में उन्नाव दुष्कर्म (Unnao gangrape) पीड़िता को भर्ती करा दिया गया है, लेकिन उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और कहा जा रहा है कि उसकी जान को खतरा बना हुआ है। सोमवार रात ही पीड़िता को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ट्रॉमा सेंटर (Trauma Centre) में भर्ती करा दिया गया था। विशेषज्ञ डॉक्टरों की 24 घंटे निगरानी में उसका इलाज जारी है। इसी के साथ पीड़िता के वकील की भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को उन्हें भी दिल्ली ट्रांसफर किया गया है।
लड़की की जान को खतरा-
इस बीच दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष (Delhi commission for women, Chairperson) स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने पीड़िता के मां व अन्य परिजनों से मुलाकात हाल चाल जाना। जिसके बाद उन्होंने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर बताया कि डाक्टरों के मुताबिक़ लड़की की जान ख़तरे में है। उन्होंने लिखा कि एम्स में उन्नाव की बेटी की माँ से मिली। बच्ची की स्थिति अभी भी बहुत नाज़ुक है। उसको नेमोनिया भी हो गया है और डाक्टर्ज़ के मुताबिक़ लड़की की जान ख़तरे में है। माँ बहुत घबराई हुई है। DCW की टीम कल रात से परिवार के साथ 24 घण्टे साथ है और रहेगी। हम हर संभव मदद करेंगे।
एम्स ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन-
वहीं एम्स के डॉक्टरों ने भी मंगलवार को मेडिकल बुलेटिन जारी किया है। डॉक्टरों द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि सोमवार की रात को पीड़िता को लखनऊ से एम्स में स्थानांतरित किया गया था। उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। वह अभी भी बेहोशी की हालत में है। दिल्ली पुलिस ट्रैफिक ने इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट से एम्स तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान 18 मिनट में 14 किमी का रास्ता तय किया गया।