
UP Rahveer Scheme: सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को अब सम्मानित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की राहवीर योजना के तहत 27 नागरिकों को पुरस्कृत करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग को 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है। योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक राहवीर को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाना प्रस्तावित है। इस पहल का उद्देश्य सड़क हादसों के दौरान घायलों की मदद के लिए आगे आने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करना और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश को पुरस्कार वितरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि कम करने और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। राहवीर योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित करने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन पुरस्कार योजना शुरू की थी। इस योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की गई, जो दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
योजना के पहले वित्तीय चक्र में 36 गुड सेमेरिटन को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी। इसका उद्देश्य लोगों के मन में दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने के प्रति भरोसा पैदा करना और जरूरत के समय मदद के लिए आगे आने वालों के योगदान को पहचान देना था। बाद में योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें बदलाव किए गए।
21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन योजना को नए नाम ‘राहवीर योजना’ के रूप में जारी किया। इसके साथ ही पुरस्कार राशि बढ़ाकर प्रति चयनित व्यक्ति 25 हजार रुपये कर दी गई। इससे दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को मिलने वाले प्रोत्साहन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। मंत्रालय ने इस योजना को 16वें वित्तीय चक्र में भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं, जिससे सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में नागरिकों की भागीदारी को लगातार बढ़ावा मिल सके।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में जिला सड़क सुरक्षा समितियों की अनुशंसाओं को आधार बनाया गया है। इन समितियों के माध्यम से ऐसे नागरिकों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सितंबर 2026 में इन राहवीरों को पुरस्कार देने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अब मंत्रालय की ओर से 10 लाख रुपये जारी किए जाने के बाद पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, 27 प्रस्तावित लाभार्थियों को पुरस्कार दिए जाने की अंतिम प्रक्रिया संबंधित स्वीकृतियों और विभागीय औपचारिकताओं के अनुसार पूरी की जाएगी। प्रत्येक चयनित राहवीर को 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है। इससे उन नागरिकों के योगदान को आर्थिक प्रोत्साहन के साथ सार्वजनिक मान्यता भी मिल सकेगी, जिन्होंने संकट के समय किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए तत्परता दिखाई।
सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सा क्षेत्र में दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे को ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है। इस दौरान घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने और जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने से उसकी जान बचने की संभावना बढ़ सकती है।
राहवीर योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे नागरिकों को सम्मानित करना है, जो गंभीर रूप से घायल सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद करते हैं। कई बार दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति सड़क पर पड़ा रहता है और आसपास मौजूद लोग कानूनी प्रक्रिया, पुलिस पूछताछ या अन्य परेशानियों की आशंका के कारण मदद करने से हिचकते हैं। ऐसे में मददगार नागरिकों को प्रोत्साहित करने वाली योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। योजना के तहत पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले नागरिकों को पुरस्कार देकर यह संदेश देने का प्रयास किया जाता है कि दुर्घटना पीड़ित की सहायता करना समाज के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समय पर मदद मिलने से घायल को इलाज उपलब्ध कराने में देरी कम हो सकती है और अनमोल जीवन बचाने में सहायता मिल सकती है।
पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सीएनए खाते में 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस धनराशि का उपयोग योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों को पुरस्कार उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। विभागीय स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र राहवीरों तक पुरस्कार राशि पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। केंद्र से धनराशि मिलने के बाद प्रदेश में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित करने की पहल को गति मिलने की उम्मीद है। यह व्यवस्था उन लोगों के प्रयासों को पहचान देने की दिशा में अहम है, जो दुर्घटना के समय अपनी जिम्मेदारी समझते हुए घायलों की सहायता करते हैं।
सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन या सरकारी व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं है। दुर्घटना होने पर घायल की मदद के लिए आगे आना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। राहवीर योजना के जरिए लोगों को यह संदेश देने का प्रयास है कि सही समय पर की गई सहायता किसी परिवार को अपूरणीय क्षति से बचा सकती है।
उत्तर प्रदेश में 27 प्रस्तावित राहवीरों को सम्मानित करने की तैयारी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल है। पुरस्कार राशि के माध्यम से मददगार नागरिकों के योगदान को पहचान मिलेगी और अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, जिम्मेदार नागरिक व्यवहार और समय पर चिकित्सा सहायता—इन तीनों के समन्वय से दुर्घटनाओं के बाद होने वाली जनहानि को कम करने की दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।