लखनऊ

68,500 शिक्षक भर्ती आरक्षण विवाद: विजयदशमी पर अभ्यर्थियों ने फूंका ‘आरक्षण चोर’ का पुतला, भूख हड़ताल घोषित

UP 68,500 Teacher Recruitment: लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती आरक्षण विवाद को लेकर अभ्यर्थियों ने विजयदशमी पर ‘आरक्षण चोर’ के पुतले का दहन किया। 50 दिनों से धरना जारी, 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल का ऐलान।
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Oct 20, 2026
50 दिनों से जारी है धरना-प्रदर्शन, मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
50 दिनों से जारी है धरना-प्रदर्शन, मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

68,500 Assistant Teacher Recruitment: 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर न्याय की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने विजयदशमी के अवसर पर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए ‘आरक्षण चोर’ के रावण रूपी पुतले का दहन किया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी कथित अनियमितताओं के कारण उन्हें लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। अपनी मांगों को लेकर उनका धरना-प्रदर्शन लगातार 50वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने 26 अक्टूबर 2026 से भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा भी की।

विजयदशमी पर अनोखे तरीके से दर्ज कराया विरोध

विजयदशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हुए अभ्यर्थियों ने ‘आरक्षण चोर’ के नाम से प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया। उनका कहना था कि इस आयोजन के माध्यम से वे भर्ती में आरक्षण से जुड़ी कथित विसंगतियों और लंबे समय से लंबित न्याय की मांग को प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, त्योहार के अवसर पर किया गया यह प्रतीकात्मक विरोध संबंधित अधिकारियों और सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास है।

आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करते शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी(फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

आंदोलनकारियों ने कहा कि विजयदशमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अन्याय और बुराई के विरुद्ध खड़े होने का संदेश भी देती है। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पुतला दहन के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका दावा है कि भर्ती में आरक्षण संबंधी सवालों का समाधान नहीं होने से प्रभावित अभ्यर्थियों में असंतोष बना हुआ है और वे लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

सरकार और विभागीय अधिकारियों पर लगाए आरोप

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि रामायण में रावण ने साधु का भेष धारण कर माता सीता का हरण किया था। इसी प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अभ्यर्थी इस मामले में जवाबदेही तय करने और न्याय सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

 आंदोलन के दौरान एकजुट होकर अपनी मांगें उठाते अभ्यर्थी; 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा(फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि पुतला दहन किसी व्यक्ति विशेष के प्रति व्यक्तिगत विरोध जताने के बजाय भर्ती में आरक्षण संबंधी कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन है। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए, आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाए और यदि जांच में कोई जिम्मेदार पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करना जरूरी है। उनके अनुसार, जब तक उठाए गए सवालों का स्पष्ट समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

50 दिनों से जारी है धरना-प्रदर्शन

धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से न्याय की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, लंबे समय से अपनी बात संबंधित स्तरों तक पहुंचाने के प्रयासों के बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि लगातार 50 दिनों से चल रहा धरना अभ्यर्थियों के धैर्य और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

नवीन चौधरी ने कहा कि आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों का समाधान कराना है, ताकि लंबे समय से चल रही अनिश्चितता समाप्त हो सके।

26 अक्टूबर से भूख हड़ताल का ऐलान

आंदोलन के नेतृत्वकर्ता तूफान सिंह ने घोषणा की कि मांगों पर उचित निर्णय होने तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं होती, तो 26 अक्टूबर 2026 से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इस घोषणा के बाद आंदोलन के अगले चरण को लेकर अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारी तेज करने की बात कही। अभ्यर्थियों के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय उनकी लंबी लड़ाई का अगला कदम होगा। वे चाहते हैं कि संबंधित पक्ष उनकी मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाएं और आरक्षण से जुड़े विवाद का समाधान निकालें। उनका कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और आगे भी न्याय की मांग जारी रखेंगे।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रहे मौजूद

‘आरक्षण चोर’ के पुतले के दहन के दौरान आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर अपनी मांगें दोहराईं। इस मौके पर तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, भूपेंद्र चौधरी, मोहित अहलावत, सच्चिदानंद, विनोद प्रजापति, शिवशंकर गौड़, राम प्रवेश, संजीव वर्मा, मनीष पटवा, नशीम, तारीक, मनोज, जोगिंदर, अजीत, हरीश चंद्र, भूपेन्द्र, अरविंद और अरुण सहित सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।

विजयदशमी पर लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण विवाद को लेकर ‘आरक्षण चोर’ के प्रतीकात्मक पुतले का दहन करते अभ्यर्थी। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों पर उचित कार्रवाई और न्याय की दिशा में ठोस पहल नहीं होती। अब सभी की निगाहें 26 अक्टूबर को प्रस्तावित भूख हड़ताल और उससे पहले उनकी मांगों पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

Updated on:
20 Oct 2026 07:43 pm
Published on:
20 Oct 2026 07:43 pm