अभी आत्महत्या क्योंकि इसके कारणों का पता नहीं चल सका है।
लखनऊ. यहां उस समय हड़कंप मच गया जब एटीएस के एडिशनल एसपी राजेश साहनी ने खुद को गोली से उड़ा लिया। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आफीस में जहां सुबह कर्मचारी और अफसर अपने काम पर आए और काम शुरू ही किया था कि इस दौरान वहां ऐसी घटना घटी जिसे सुन लोगों होश उड़ गए। एटीएस के एडिशनल एसपी राजेश साहनी ने यहां एडीएस मुख्यालय में ही खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। अभी साहनी ने आत्महत्या क्योंकि इसके कारणों का पता नहीं चल सका है।
राजधानी के गोमतीनगर स्थित एटीएस मुख्यालय पर मंगलवार दोपहर एक बजे के करीब गोली की आवाज से भगदड़ मच गई। जब पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो देखा कि एटीएस के एडिशनल एसपी राजेश साहनी का शव पड़ा था। कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना सीनियर अफसरों को दी। सूचना मिलते ही एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार, एसएसपी दीपक कुमार सहित कई अफसर मौके पर पहुंचे। मामले की जांच की जा रही है।
नाम बेहद काबिल अफसरों में सुमार था
आईएसआईएस खुरासान मॉड्यूल का खुलासा करने वाले 1992 बैच के पीपीएस अधिकारी राजेश साहनी का नाम उत्तर प्रदेश के बेहद काबिल अफसरों में सुमार था। बीते सप्ताह की उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से आईएसआई एजेंट रमेश सिंह को गिरफ्तार करने में उन्होंने अहम भूमिका अदा की थी।
हर कोई रह गया दंग
इस काबिल अफसर की काबिलियत का हर कोई आफिस में बखान करता था। लेकिन मंगलवार को यहां पर बस यही चर्चा होती रही कि आखिर क्या कारण था कि साहनी ने ऐसा कदम उठा लिया। किसी को यह नहीं समझ में आ रहा था कि जिस अधिकारी के काम का पूरा डिमार्टमेंट लोहा मानता है वही ऐसा कदम उठा लेगा जिसके बारे में कभी सोचा भी नहीं जा सकता है।