
यूपी. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में नकल को लेकर योगी सरकार की सख्ती का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। सख्ती के मद्देनजर परीक्षा के पहले दो दिन में ही 3 लाख 17 हजार 475 छात्र-छात्राओं ने यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ दी। जबकि पहले ही दिन यह आंकड़ा 2 लाख 40 हजार के करीब पहुंच गया था। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने इस बात की जानकारी दी। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या अधिक होगी। पहले दिन सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी व प्रारंभिक हिंदी जबकि दूसरी पाली में इंटर हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षा थी।
यूपी बोर्ड परीक्षा के दूसरे दिन वैकल्पिक विषयों की परीक्षा थी। इसमें हाईस्कूल में पहली पाली में पालि, अरबी, फारसी और इंटरमीडिएट में संगीत गायन, संगीत वादन, नृत्य कला की परीक्षा आयोजित की गई। जबकि दूसरी पाली में हाईस्कूल में संगीत गायन और इंटरमीडिएट में दूसरी पाली में सामान्य आधारिक विषय, कृषि शस्य विज्ञान, और कृषि शस्य विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई।
44 नकलची धरे गए, नौ पर एफआईआर
दो दिन की बोर्ड परीक्षा में अब तक कुल 44 नकलची भी पकड़े गए हैं। इसमें बुधवार को हाईस्कूल की परीक्षा में पांच छात्र और इंटरमीडिएट में पांच छात्राएं पकड़े गए। जबकि अभी तक कुल 9 लोगो के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। बुधवार को दोनों पालियों की परीक्षा में कुल चार लोगों पर एफआईआर कराई गई है। इसमें एक छात्र, दो केन्द्र व्यवस्थापक और एक प्रबंधक शामिल हैं।
गोंडा का हाल
गोंडा बोर्ड परीक्षा के दूसरे दिन करीब 8 हजार परीक्षार्थियों ने सख्ती के चलते परीक्षा छोड़ दी। जिसमें हाईस्कूल में करीब 4500 और इंटर में 3405 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया। बता दें कि हाई स्कूल में 45457 परीक्षार्थि तथा इंटरमीडिएट में 38414 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। कुल पंजीकृत छात्रों में लगभग 10 फीसदी छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए।