
लखनऊ. यूपी बोर्ड परीक्षाओं में इस बार कई अहम बदलाव होने हैं। पहली बार एग्जाम सेंटर में वॉयस रेकॉर्डर लगेंगे। इसके अलावा इस बार दो सीसीटीवी कैमरे हर एग्जाम रूम में लगेंगे। इस बार राजधानी में पिछली बार की अपेक्षा करीब बीस परीक्षा केंद्र कम बनाए जाएंगे। वहीं चौकसी अधिक बरती जाएगी। खासकर नकल पर और अधिक शिकंजा कसा जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सोमवार को स्कूल के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर परिषद के मानकों को दो दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पिछली बार बोर्ड परीक्षाओं में करीब एक लाख पांच हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही कक्षा के परीक्षार्थी शामिल हैं। इस दौरान 137 परीक्षा केंद्र शहर में बनाए गए थे। डीआईओएस ने बताया कि इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या कम की जाएगी। इस बार 115 से 120 के बीच परीक्षा बनाए जाएंगे। जल्द ही परिषद ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करेगा।
सेंटर कम होने का कारण
इस बार सेंटर कम होने के कई अहम कारण हैं। दरअसल पिछली बार की अपेक्षा इस बार करीब दस कम परीक्षार्थी फीसदी परीक्षा में पंजीकृत है। इसलिए परीक्षा केंद्रों की संख्या कम की जाएगी। वहीं दूसरी वजह ये भी है कि पिछली बोर्ड परीक्षा में करीब दस परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं। डीआईओएस इन सभी परीक्षा केंद्रों की रिपोर्ट बनाकर परिषद को भेज दी थी। इस वजह से ये स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि परिषद के निर्देशानुसार ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया के लिए सभी स्कूलों ने संबंधित जानकारी ऑनलाइन अपलोड की थी। इसमें कई खामियां मिली हैं।
बता दें कि इस बार सात फरवरी से बोर्ड एग्जाम शुरू होंगे। परीक्षा केंद्रों का हर एक कमरा सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा। साथ ही इस बार से कमरों व उसके बाहर वॉयस रिकॉर्डर भी लगाए जाएंगे। इस तरह से नकल पर पूरी तरह से शिकंजा कसेगा। कोई भी व्यक्ति बोलकर भी नकल नहीं करवा सकेगा।