
यूपी बोर्ड हाईस्कूल में 586 नंबरों के साथ टॉप करने वाले प्रिंस पटेल भारतीय सेना में जाना चाहते हैं। गांव में अपने संयुक्त परिवार के बीच बैठे प्रिंस ने कहा कि बचपन से यही सपना देखा है कि सेना में काम करूं। देश सेवा का इससे बेहतर कोई काम नहीं लगता। वह वर्तमान नेताओं में प्रधानमंत्री मोदी से और पूर्व नेताओं में लाल बहादुर शास्त्री से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इब्राहिमपुर नवाबाद, जिला फतेहपुर निवासी प्रिंस संयुक्त परिवार में रहते हैं। इसमें उनके बाबा संतोष वर्मा, दादी बिटनिया, पिता अजय कुमार, मां शिवकांति व छोटा भाई अनंत शामिल हैं। माता-पिता दोनों ग्रेजुएट हैं। पिता दस बीघा जमीन पर खेती करके परिवार चलाते हैं।
प्रिंस ने छठी तक की शिक्षा सुपर मांटेसरी स्कूल शठिगवां में ली और उसके बाद कक्षा छह से अब तक कानपुर नगर के अनुभव इंटर कालेज, मुरलीपुर में हॉस्टल में रहकर पढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि टॉपर बनने की पहली खबर उन्हें दोस्त अजातशत्रु ने फोन पर दी। मुझे यह भरोसा तो था कि टॉप 10 में आऊंगा लेकिन शीर्ष पर रहूंगा, इसके बारे में पूरा यकीन नहीं था। प्रिंस ने सबसे पहले मां शिवकांति को यह सूचना दी। मां ने गले से लगा लिया। पुत्र की बड़ी सफलता से उनकी आंखें भीग गईं। पिता अजय ने मिठाई मंगाई। बाबा संतोष और दादी ने भी आशीष दिया। उसके बाद पूरा परिवार इष्टदेवता दुर्गा बाबा मंदिर में दर्शन को पहुंचा। प्रसाद चढ़ाया।
अग्निपथ की कमियां दूर की जाएं
प्रिंस ने कहा कि अग्निपथ योजना के बारे में जितना मैंने पढ़ा है, यह नई पहल है पर इसमें कुछ कमियां हैं। सैनिकों को भविष्य की चिंता से दूर रखना चाहिए। इसलिए पेंशन व भविष्य में रोजगार की गारंटी जैसे सुधार जरूरी हैं। लेकिन इसके विरोध में सरकारी या निजी संपत्तियों को क्षति, कानून तोड़ना और अशांति-हिंसा फैलाने को वह गलत मानते हैं।
क्या कहती हैं बारहवीं टॉपर
फतेहपुर निवासी दिव्यांशी ने इस बार बारहवीं में प्रदेश टॉप किया है। 95.40 फीसदी अंक प्राप्त किया। दिव्यांशी कहती हैं कि हर कोई परफेक्ट नहीं होता है। इसी तरह हर सरकार भी है। मोदी सरकार ने युवाओं के लिए इतनी बड़ी योजना बनाई है तो यकीनन कुछ सोच कर बनाई होगी। ऐसे में युवाओं को गंभीरता से सामजस्या बिठाकर सरकार के सामने अपने मुद्दे रखने चाहिए थे। वहीं, दिव्यांशी का कहना है कि आगे पढ़ाई पूरी करके देश की सेवा और अपनों का मान बढ़ाने के लिएए आईएएस करेंगी।