लखनऊ

युवाओं को सरकारी नौकरी से बाहर करने पर भड़के कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत, बोले- BJP अपने ताबूत में आखिरी कील ठोक रही

Character Verification Rules: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए चरित्र सत्यापन के नियम सख्त किए गए हैं। हत्या, बलात्कार, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और हिंसक गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों को नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। हालांकि, सिर्फ FIR दर्ज होने या राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नौकरी नहीं रोकी जाएगी, जानिए पूरा मामला।
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Updated: 29 Oct 2026, 1:26 PM IST
Surendra Rajput
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत (ANI Photo)

Government Job Eligibility: लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी के चरित्र सत्यापन से जुड़े नए नियमों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। सरकार के इस फैसले के तहत हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलने की कोशिश करने और गंभीर अपराधों में शामिल अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि BJP के लोग इस समय निराश और हताश हैं और हमारे युवाओं को जबरदस्ती विरोध करने या धरना देने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी युवाओं को विरोध प्रदर्शन करने से रोकना चाहती है।

जानिए किन मामलों में नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, चरित्र सत्यापन के नए नियम

नई व्यवस्था के तहत हत्या, डकैती, बलात्कार, किसी महिला की लज्जा भंग करने, भ्रष्टाचार, आतंकवादी कृत्यों, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े मामलों में शामिल अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना जाएगा। इसके अलावा, ऐसे संगठन से जुड़े लोगों को भी नौकरी नहीं मिलेगी, जिसका उद्देश्य हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलना है। वहीं, सरकार ने यह भी साफ किया है कि केवल एफआईआर दर्ज होने या किसी की राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। नए नियमों में हिंसक गतिविधियों और शांतिपूर्ण राजनीतिक विरोध के बीच अंतर किया गया है।

ये निर्देश प्रदेश के सभी सरकारी सरकार ने चरित्र सत्यापन के नियमों में इन स्थितियों को साफ तौर पर बताया है, ताकि भर्ती के दौरान यह तय किया जा सके कि कौन नौकरी के योग्य है और कौन नहीं।

21 साल की उम्र के बाद की गतिविधियों की भी होगी जांच

नियमों में अभ्यर्थी की उम्र और उसकी गतिविधियों की समय-सीमा को लेकर भी प्रावधान किया गया है। इसके मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति 21 साल की उम्र पूरी करने के बाद जांच की तारीख से पिछले तीन वर्षों के भीतर हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलने वाली गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो इसे उसकी सक्रियता का संकेत माना जाएगा। इस प्रावधान का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में अब भी शामिल है या नहीं। चरित्र सत्यापन के दौरान इन बातों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

सिर्फ FIR दर्ज होने से नौकरी नहीं जाएगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी अभ्यर्थी के खिलाफ केवल एफआईआर दर्ज होने या मामले की जांच लंबित रहने से उसे सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा। इसी तरह, किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचारधारा को भी नौकरी देने या नहीं देने का आधार नहीं बनाया जाएगा। नियमों में हिंसक गतिविधियों और सामान्य राजनीतिक विरोध के बीच अंतर किया गया है।

शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने या राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों पर इस प्रतिबंध को लागू नहीं किया जाएगा। यानी कार्रवाई का आधार केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि नियमों में बताई गई गतिविधियां होंगी।

पुलिस को 30 दिन में देनी होगी सत्यापन रिपोर्ट

योगी सरकार ने चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी किए हैं। नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम देवराज की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, पुलिस को अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट 30 दिन के भीतर देनी होगी। इस व्यवस्था के तहत पहले से सरकारी सेवा में काम कर रहे कर्मचारियों का दोबारा चरित्र सत्यापन नहीं कराया जाएगा। हालांकि, जरूरत पड़ने पर उनके पिछले विभाग से संबंधित जानकारी ली जा सकती है।

सभी विभागों और भर्ती बोर्डों पर लागू होंगे नियम

चरित्र सत्यापन से जुड़े ये निर्देश उत्तर प्रदेश सरकार के सभी विभागों, आयोगों और भर्ती बोर्डों पर लागू होंगे। इससे सरकारी नौकरी की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की पृष्ठभूमि की जांच के लिए एक समान व्यवस्था अपनाई जा सकेगी।

सरकार का मानना है कि इन नियमों से भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही, गंभीर अपराधों और हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलने की कोशिश करने वाले लोगों को सरकारी सेवा में आने से रोकने में मदद मिलेगी। हालांकि, शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों और केवल एफआईआर दर्ज होने को नौकरी के लिए अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जाएगा।

Updated on:
29 Oct 2026, 1:26 PM IST
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