प्रियंका के खिलाफ लाम बंदी कर रहे थे ये नेता
लखनऊ। इतवार की शाम को उत्तर प्रदेश कंागे्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पार्टी के 10 लोगों को अनुशासन हीनता के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।
समाचार-पत्रों के माध्यम से उत्तर प्रदेश कंाग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के संज्ञान में आया था कि उक्त नेतागण कुछ समय से उत्तर प्रदेश कंाग्रेस कमेटी से सम्बन्धित अखिल भारतीय कंाग्रेस कमेटी के निर्णयों पर अनवरत अनावश्यक रूप से सार्वजनिक तौर पर बैठक करके विरोध कर रहे थे। उनका यह आचरण पार्टी की नीतियों और आदर्शों के विपरीत है जो अनुशासन हीनता की परिधि में आता है। इस पर कांग्रेस की अनुशासन समिति ने नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था।
समिति की रिपोर्ट आने के बाद विद्रोही नेताओं के अनुशासन हीनता के कारण अनुशासन समिति ने उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। इनमें संतोष सिंह-पूर्व सांसद, सदस्य कंाग्रेस कमेटी, सिराज मेंहदी-पूर्व एमएलसी, सदस्य-कंाग्रेस कमेटी, रामकृष्ण द्विवेदी-पूर्व गृह मंत्री-सदस्य- कंाग्रेस कमेटी, सत्यदेव त्रिपाठी, पूर्व मंत्री सदस्य-कंाग्रेस कमेटी, राजेन्द्र सिंह सोलंकी-सदस्य- कंाग्रेस कमेटी, भूधर नारायण मिश्रा-पूर्व विधायक, सदस्य कंाग्रेस कमेटी, विनोद चैधरी-पूर्व विधायक, नेक चन्द्र पाण्डेय-पूर्व विधायक, स्वयं प्रकाश गोस्वामी- पूर्व अध्यक्ष-युवा कंाग्रेस, संजीव सिंह-पूर्व जिलाध्यक्ष गोरखपुर के नाम शामिल हैं। चर्चा यह है कि इनमें से कुछ नेता अपना जनाधार भी खो चुके हैं।