उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार प्रयासरत है, लेकिन बावजूद इसके आए दिन खौफनाद घटनाएं घटित हो रही है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार प्रयासरत है, लेकिन बावजूद इसके आए दिन खौफनाद घटनाएं घटित हो रही है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध और माफिया सिंडिकेट की कमर तो तोड़ी है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस के सामने साइबर क्राइम और वन्यजीव से जुड़े अपराध एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इस पर जरूरी रोक लगाने के लिए साइबर क्राइम सेल की एक अलग विंग बनाई जाएगी। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने शुक्रवार को एसटीएफ के 20वें स्थापना दिवस के मौके पर पर पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
‘एक्सेलेंस ट्रेनिंग सेंटर’ की होगी शुरूआत-
ओपी सिंह ने कहा कि अब तक एसटीएफ के साथ मिलकर अपराध नियंत्रण में जुटी साइबर क्राइम सेल को जल्द ही अलग विंग के रूप में स्थापित कर दिया जाएगा। महिलाओं व बच्चों के अलावा इसका मुख्य काम साइबर क्राइम को रोकना होगा। विंग के लिए अलग से मानव संसाधन की व्यवस्था भी की जाएगी जिसके लिए सरकार ने अलग से 4.5 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी है। विंग के कर्मियों के लिए मुरादाबाद में ‘एक्सेलेंस ट्रेनिंग सेंटर’ की शुरूआत की जाएगी।
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नकल के खिलाफ छोड़ी अपनी छाप-
यूपी डीजीपी ने कहा किअपर पुलिस महानिदेशक आनंद कुमार और आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने एसटीएफ की टीम को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए हैं। डीजीपी ने कहा कि एसटीएफ ने इस बार बोर्ड की परीक्षाओं में नकल को रोकने व नकल के खिलाफ भी अपनी अच्छी छाप छोड़ी है। आम लोगों का इस पर भरोसा बढ़ा है।