
UP Election 2027:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान के बीच कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष और सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने सीटों का बंटवारा जल्द तय करने की मांग की है। मसूद ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन में सपा को आगे रखना चाहती है, लेकिन पार्टी की गरिमा और हिस्सेदारी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब 2017 वाली कांग्रेस नहीं है, बल्कि 2027 वाली कांग्रेस है। पार्टी में पिछले दस वर्षों में काफी बदलाव आया है।
सीटों के बंटवारे को लेकर इमरान मसूद ने कांग्रेस के रुख में लचीलेपन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की ओर से जो भी प्रस्ताव रखा जाएगा, कांग्रेस उसे मानने के लिए तैयार है। मसूद के मुताबिक दोनों दलों को साथ मिलकर चुनाव लड़ना है और इसके लिए आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
मसूद ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन में समाजवादी पार्टी को आगे रखना चाहती है। हालांकि, उन्होंने अपनी पार्टी और कार्यकर्ताओं की महत्वाकांक्षाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को बचाने के साथ उसे आगे बढ़ाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
इमरान मसूद ने सीट शेयरिंग को जल्द तय करने की मांग करते हुए कहा कि हमारी इतनी डिमांड है कि इतनी सीटों को अभी फाइनल कर लीजिए। हमारे सम्मान का आप सम्मान कीजिए, हम आपके सम्मान का ख्याल रखेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले की स्थिति में नहीं है। मसूद के मुताबिक पार्टी में पिछले दस साल में काफी बदलाव आया है। इसके बावजूद कांग्रेस चाहती है कि साल 2027 के चुनाव में गठबंधन में सपा की भूमिका आगे रहे।
सीट शेयरिंग को लेकर इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि बात सीट की नहीं, जीत की है। इस पर इमरान मसूद ने जवाब दिया था कि जब सीट होगी तभी तो जीत होगी। दोनों दलों के नेताओं की ओर से सीटों को लेकर लगातार बयान सामने आ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से जल्द सीट बंटवारा तय करने की बात कही जा रही है, जबकि सपा की ओर से जीत की संभावना को अहम बताया जा रहा है।
इमरान मसूद ने गठबंधन की राजनीति को राहुल गांधी के नेतृत्व से जोड़ते हुए कहा कि ये राहुल गांधी की आंधी है, इसमें जो साथ चलेगा वो साथ रहेगा, बाकी तिनके की तरह उड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है। उनके मुताबिक जो राहुल गांधी के साथ रहेगा, वही इस राजनीतिक लड़ाई में साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि अब बीच का कोई रास्ता नहीं बचा है।
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर 2027 में चुनाव होना है। चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर नेताओं के बयान लगातार आ रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने और सीट शेयरिंग को जल्द अंतिम रूप देने की बात कह चुका है।
कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र गौतम भी कह चुके हैं कि सपा के साथ गठबंधन का फॉर्मूला अक्टूबर में ही सुलझा लेना चाहिए। उनका कहना है कि इससे उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। उन्होंने सपा नेतृत्व से कांग्रेस के लिए कम से कम 150 सीटों की अपेक्षा जताई है।