
UP Free Bus Travel Scheme: उत्तर प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा के बाद इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बुजुर्ग महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने वाली ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का ऐलान किया। वहीं, समाजवादी पार्टी की कैराना सांसद इकरा हसन ने इस फैसले को लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा है।
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि सरकार की यह योजना महिलाओं की सुविधा से ज्यादा चुनावी राजनीति से जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि चुनाव नजदीक आने पर लोगों को आकर्षित करने के लिए इस तरह की योजनाओं की घोषणा की जा रही है। सपा सांसद ने दावा किया कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार ने अब तक पर्याप्त काम नहीं किया है।
मुफ्त बस यात्रा योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए इकरा हसन ने कहा कि यूपी सरकार अब ऐसी योजनाएं लेकर आ रही है, जब उसके जाने का समय करीब है। उन्होंने इसे चुनाव से पहले महिलाओं को साधने की कोशिश बताया। सपा सांसद ने कहा कि सरकार का मकसद महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाना होता तो उनके लिए रोजगार, सुरक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर ज्यादा काम किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनता को आकर्षित करने के लिए योजनाओं की घोषणा की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना की शुरुआत की। इसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को आसान और सुलभ बनाना है। खासतौर पर वे महिलाएं जो धार्मिक यात्रा, सामाजिक कार्यक्रम या किसी जरूरी काम के लिए बस से सफर करती हैं, उन्हें इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।
सीएम योगी ने रक्षाबंधन को लेकर भी महिलाओं के लिए विशेष घोषणा की है। 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाएं अपने साथ एक सहयात्री को लेकर रोडवेज और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यानी रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं को यात्रा में राहत मिलेगी, जबकि इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा नियमित रूप से लागू होगी।
सरकार की घोषणा को जहां महिला सुविधा और सामाजिक कल्याण से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे चुनावी कदम बता रहा है। इकरा हसन का बयान इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, योजना से 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, विपक्ष की ओर से इसे लेकर उठाए जा रहे राजनीतिक सवालों ने सरकार के इस फैसले को सियासी चर्चा का विषय बना दिया है।