
महिलाओं पर अखिलेश का फोकस (photo- x @samajwadiparty)
UP Election 2027: महिला समानता दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की महिलाओं को लेकर बड़ा राजनीतिक दांव चला है। पार्टी ने बुधवार को ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ की घोषणा की। सपा का कहना है कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की सरकार बनती है तो इस योजना को लागू किया जाएगा। योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और तकनीकी सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने योजना को लेकर कई बातें सामने रखीं। अखिलेश यादव ने इस दौरान बीजेपी सरकार पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व और सुरक्षा को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की तरक्की आधी आबादी की भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती।
अखिलेश यादव ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने बीजेपी सरकार से मांग की कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाए। सपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी महिलाओं को केवल चुनावी मुद्दे के तौर पर नहीं देखती, बल्कि उन्हें बराबरी का अधिकार और अवसर देने की दिशा में काम करना चाहती है। उनके मुताबिक, महिलाओं को पूरी आजादी और बराबरी का अधिकार मिले, यही पार्टी की प्राथमिकता है।
सपा की ओर से घोषित योजना में महिलाओं के सम्मान के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखा गया है। डिंपल यादव ने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को मोबाइल फोन, लैपटॉप, आर्थिक मदद, शिक्षा और स्किल ट्रेनिंग जैसी सुविधाओं से जोड़ने की योजना है। पार्टी के मुताबिक, शुरुआत में महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव है। इस राशि को हर साल बढ़ाने की बात भी कही गई है। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और समय-समय पर इसकी समीक्षा करने का प्रस्ताव है, ताकि जरूरत के मुताबिक इसमें बदलाव किए जा सकें।
अखिलेश यादव ने योजना के नाम को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ‘स्त्री’ शब्द को जानबूझकर चुना गया है, क्योंकि यह किसी खास उम्र की महिला तक सीमित नहीं है। पार्टी का दावा है कि योजना का दायरा अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाओं तक रखा जाएगा। वहीं, ‘सम्मान’ शब्द को ‘समृद्धि’ से पहले रखने के पीछे भी खास सोच बताई गई। डिंपल यादव ने कहा कि महिला की सामाजिक या आर्थिक स्थिति चाहे जैसी हो, उसे सबसे पहले सम्मान मिलना चाहिए। इसके बाद आर्थिक मजबूती उसके सशक्तीकरण को और मजबूत करती है।
डिंपल यादव ने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण सिर्फ भाषणों और योजनाओं की घोषणा से नहीं हो सकता। इसके लिए उन्हें शिक्षा, रोजगार और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने होंगे। जब महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो परिवार के फैसलों में उसकी भूमिका भी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। इसके लिए तकनीक, शिक्षा और प्रशिक्षण को भी योजना का हिस्सा बनाने की बात कही गई है।
सपा की इस घोषणा को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी ने एक तरफ महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और सुविधाओं का वादा किया है, तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने बीजेपी से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की है। डिंपल यादव ने योजना को पार्टी के PDA फॉर्मूले से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि इसमें ‘A’ यानी आधी आबादी की महिलाओं के सम्मान और समृद्धि को केंद्र में रखा गया है।
गौरतलब है कि हर साल 26 अगस्त को महिला समानता दिवस मनाया जाता है। यह दिन अमेरिका में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिलने की ऐतिहासिक प्रक्रिया की याद में मनाया जाता है। इसी मौके पर सपा ने उत्तर प्रदेश की महिलाओं को लेकर अपनी आगामी राजनीतिक और कल्याणकारी योजना का खाका सामने रखा है। अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की यह योजना महिला मतदाताओं के बीच कितना असर डालती है और बीजेपी इसके जवाब में क्या रणनीति अपनाती है।
Updated on:
26 Aug 2026 05:53 pm
Published on:
26 Aug 2026 05:53 pm
