
UP Gears Up for Budget 2026-27: फरवरी माह में प्रस्तुत होने वाले आम बजट को लेकर उत्तर प्रदेश की जनता की निगाहें टिकी हुई हैं। प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीदों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार देर शाम एक उच्चस्तरीय बैठक कर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर विस्तार से मंथन किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री के अधीन विभागों के साथ-साथ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के विभागों से जुड़े बजट प्रस्तावों, नई मांगों और केंद्र सरकार के आम बजट 2026-27 के संभावित प्रावधानों के संदर्भ में राज्य सरकार की रणनीति पर गंभीरता से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी बजट का मूल मंत्र लोक कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्ग के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना ही बजट की आत्मा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बजट केवल आंकड़ों और योजनाओं का दस्तावेज न बने, बल्कि आम आदमी की जिंदगी में सुधार का माध्यम बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना और प्रस्ताव का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बजट के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास, सुरक्षा और समृद्धि के क्षेत्र में ठोस प्रगति की है। कानून-व्यवस्था में सुधार, निवेश के बढ़ते अवसर, बुनियादी ढांचे का विस्तार और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की छवि देश और दुनिया में बदली है।
उन्होंने कहा कि इन्हीं उपलब्धियों के कारण प्रदेश की जनता को सरकार से बड़ी अपेक्षाएं हैं। जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगामी बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता का भरोसा बनाए रखना और उसे और मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आगामी 01 फरवरी को केंद्र सरकार का आम बजट प्रस्तुत होने वाला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रावधानों, योजनाओं और वित्तीय आवंटनों का गहन अध्ययन किया जाए और उसके अनुरूप राज्य के विभागीय बजट प्रस्तावों में आवश्यक सुधार और समन्वय किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल से विकास की गति को और तेज किया जा सकता है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रदेश को मिले, इसके लिए बजट में स्पष्ट रणनीति और प्राथमिकताएं तय की जानी चाहिए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को बताया गया कि सड़क, भवन और अन्य अवसंरचनात्मक विकास से जुड़े प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक भवन और परिवहन सुविधाएं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगें।
अधिकारियों ने बताया कि इन प्रस्तावों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों तक समान रूप से पहुंचे। ग्रामीण संपर्क मार्गों, औद्योगिक गलियारों और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लोक कल्याण और वित्तीय अनुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं। बिना वित्तीय अनुशासन के कोई भी कल्याणकारी योजना स्थायी परिणाम नहीं दे सकती।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संसाधनों का उपयोग इस प्रकार किया जाए कि योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार हो, समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और जनता को योजनाओं के वास्तविक परिणाम दिखाई दें। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में अनावश्यक खर्च से बचते हुए प्राथमिकताओं के आधार पर संसाधनों का आवंटन किया जाए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि आगामी बजट में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए। औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने, स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसके लिए उद्योग, कृषि, सेवा और तकनीकी क्षेत्रों में संतुलित विकास की आवश्यकता है। बजट में ऐसे प्रावधान होने चाहिए, जो दीर्घकालिक रूप से रोजगार के अवसर पैदा करें।
फरवरी में आने वाले आम बजट को लेकर प्रदेश की जनता में खासा उत्साह और उम्मीद है। किसान बेहतर सिंचाई सुविधाओं और कृषि सहायता की अपेक्षा कर रहे हैं, वहीं युवा रोजगार और शिक्षा से जुड़े ठोस प्रावधानों की आस लगाए बैठे हैं। महिलाएं और वंचित वर्ग सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण योजनाओं को लेकर सरकार की ओर देख रहे हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार इन सभी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार करने में जुटी है। अधिकारियों के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि आगामी बजट उत्तर प्रदेश के समग्र विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी प्रदेश को तैयार करना है। कुल मिलाकर, आम बजट से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल यह संकेत देती है कि सरकार जनहित, विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन के साथ एक ऐसा बजट प्रस्तुत करना चाहती है, जो उत्तर प्रदेश को प्रगति की नई राह पर ले जाए और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरे।