उत्तर प्रदेश विधानसभा का माहौल आज काफी गर्म रहा। सपा विधायकों ने सरकार से सवाल पर सवाल दागते रहें। रागिनी सोनकर ने प्रदेश में हत्या के मामलों पर सवाल उठाया तो शिक्षामित्र शिक्षकों का मुद्दा भी गर्माता दिखा।
यूपी विधानसभा में सपा विधायक राकेश वर्मा के एक सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने का कोई विचार नहीं है। यानी, उन्हें अभी भी 10 हजार रुपये प्रतिमाह ही मिलेंगे। इस पर सपा विधायक ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा मित्रों को बंधुआ मजदूर बना दिया है। उन्हें न्यूनतम मजदूरी से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री के यहां कुत्ता घुमाने वाले को भी 30 हजार रुपये मिल रहे हैं, लेकिन जो शिक्षक बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उनकी स्थिति सुधारने की कोई कोशिश नहीं की जा रही।
शिक्षा मित्रों की तुलना कुत्ता टहलाने वाले से करने पर भाजपा विधायकों ने हंगामा किया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विपक्ष पर पहले भी शिक्षा मित्रों की तुलना जानवरों से करने का आरोप लगाया और मांग की कि उन्हें सदन में माफी मांगनी चाहिए।
सपा विधायक रागिनी सोनकर ने कहा- पीडीए परिवार के सदस्यों की हत्या को पुलिस आत्महत्या करार दे रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल रहा। महिलाओं और एससी-एसटी पर अत्याचार हो रहे हैं। पोस्टमॉर्टम भी डॉक्टरों के पैनल से नहीं कराया जा रहा। वीडियोग्राफी भी नहीं कराई जा रही है।
इसका जवाब मंत्री सुरेश खन्ना ने दिया। उन्होंने कहा- आप पता नहीं कहां से आंकड़े लेकर आती हैं। 2016 की तुलना में 2024 में 41% हत्याएं कम हुईं। 2016 में 4667 हत्याएं हुईं जबकि 2024 में 2753 हत्याएं हुई। वहीं, आज विधानसभा की कार्यवाही देखने 7 किन्नर भी पहुंचे। इस दौरान यूपी ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की सलाहकार सदस्य देविका देवेंद्र ने कहा कि मुझे आनंद की अनुभूति हो रही है। मैं भी उत्तर प्रदेश की बेटी हूं।