लखनऊ

UP Action on LPG Black Marketing: यूपी में ईंधन कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 1,483 जगह छापेमारी और कई एफआईआर

UP Action: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार सख्त हुई है। 1,483 स्थानों पर छापेमारी कर कालाबाजारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज और कई गिरफ्तारियां की गईं।

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Mar 13, 2026
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति पर सरकार सख्त (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Action LPG Cylinder Black Marketing: उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके तहत विभिन्न जिलों में निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई तेज कर दी गई है, ताकि कहीं भी ईंधन की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।

राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि आम लोगों को पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहते हुए आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को जारी किए निर्देश

उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जिलों में तेल कंपनियों के डिपो, पेट्रोल पंप और एलपीजी गैस एजेंसियों पर निगरानी रखने के साथ-साथ समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी जैसी गतिविधियां न हो सकें। प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि किसी स्थान पर ईंधन की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।

कालाबाजारी पर सरकार की सख्त कार्रवाई

प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां ईंधन की कालाबाजारी के खिलाफ सबसे पहले व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। प्रवर्तन टीमों द्वारा शुक्रवार को प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 1,483 स्थानों पर जांच और निरीक्षण किया गया।

कई एफआईआर दर्ज, छह लोग गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिनके आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के तहत, एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 4 एफआईआर दर्ज की गईं। एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज कराई गईं। मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 19 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि जहां भी कालाबाजारी या अनियमितता पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर

खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। सरकार का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था कृत्रिम संकट पैदा करके आम लोगों को परेशान न कर सके। इसके लिए जिला प्रशासन, खाद्य एवं रसद विभाग और तेल कंपनियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

जनता से भी सहयोग की अपील

सरकार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं पेट्रोल, डीजल या एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूले जाने की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दें।ऐसी शिकायतों पर तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिलों में विशेष निगरानी टीमों का गठन

प्रदेश के कई जिलों में विशेष निगरानी टीमें भी गठित की गई हैं, जो पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण कर रही हैं। ये टीमें स्टॉक रजिस्टर, वितरण व्यवस्था और बिक्री की स्थिति की जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

राज्य सरकार ने ईंधन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें डिजिटल रिकॉर्ड, नियमित निरीक्षण और शिकायतों के त्वरित निस्तारण जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। सरकार का मानना है कि पारदर्शिता बढ़ने से कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों पर स्वतः रोक लगेगी।

आम लोगों को राहत देने की कोशिश

सरकार का उद्देश्य यह है कि प्रदेश के नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ईंधन जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसी कारण राज्य सरकार ने समय रहते निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और कालाबाजारी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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