उत्तर प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर अहम फैसला लिया है। यूपी सरकार ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद राज्य में नॉन गजटेड पदों पर भर्ती के लिए बनाई गई नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी की तर्ज पर यूपी रिक्रूटमेंट एजेंसी (यूपीआरए) गठित करने का फैसला किया गया है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर अहम फैसला लिया है। यूपी सरकार ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद राज्य में नॉन गजटेड पदों पर भर्ती के लिए बनाई गई नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी की तर्ज पर यूपी रिक्रूटमेंट एजेंसी (यूपीआरए) गठित करने का फैसला किया गया है। सीएम योगी ने इसकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह एजेंसी सभी श्रेणी की नौकरियों के लिए परीक्षाएं करवाएगी। इन एजेंसियों पर परीक्षा कराने के साथ-साथ रिजल्ट जारी करने की जिम्मेदारी होगी। इसका फायदा विभिन्न विभागों को मिलेगा जिन पर परीक्षा आयोजित कराने की ज़िम्मेदारी रहती है।
सात दिन से ज्यादा समय न हो लंबित
गुरुवार को टीम-11 के साथ बैठक कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि प्रदेश सरकार के सभी विभागों और उपक्रमों में भर्ती परीक्षाएं नियमित और समयबद्ध ढंग से होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी दफ्तरों को समयबद्ध तरीके से ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ा जाए। साथ ही किसी भी विभाग में पत्रावलियां सात दिन से ज्यादा समय तक लंबित न रहें। अगर किसी की लाइब्रेरी में तीन दिन से अधिक समय तक पत्रावली लंबित रहती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में 1.5 लाख करोड़ रुपए निवेश का प्लान
योगी ने निवेश पर जोर देते हुए कहा कि उद्योग बंधु को अपग्रेड करते हुए नई संस्था इन्वेस्ट यूपी के गठन का निर्णय लिया है। अगले एक से सवा साल में प्रदेश में 1.5 लाख करोड़ रुपए तक का निवेश आकर्षित करने की कार्ययोजना बनाएं। इसके अलावा सीएम ने उन गतिविधियों को शुरू करने को कहा जिन पर अगस्त में कोविड के चलते रोक लगा दी गई थी। सीएम ने कहा कि सभी प्रकार की औद्योगिक व व्यवसायिक गतिविधियों शुरू कर दी जाएं। प्रदेश में इस समय 98.5 प्रतिशत औद्योगिक/व्यावसायिक इकाइयां पूरी क्षमता के साथ शुरू हो चुकी हैं।
लखनऊ में सख्ती से लागू हो निर्देश
राजधानी लखनऊ व पड़ोसी जिले कानपुर में कोविड का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इन जिलों में कोविड की स्थिति को देखते हुए सीएम ने यहां कड़ाई से निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। योगी ने बैठक में कहा है कि इसमें लापरवाही बरतने वालों को जवाबदेही के लिए तैयार रहना होगा। उन पर कार्रवाई की जा सकती है।