लखनऊ

यूपी में अंतर धार्मिक शादी भले ही दो परिवारों की रजामंदी हो, पर लेनी पड़ेगी सरकार से अनुमति

- मां-बाप और लड़के-लड़की को दो माह पहले डीएम के यहां करना होगा आवेदन- सीतापुर में किशोरी को अगवा कर धर्म परिवर्तन करने को लेकर 8 के खिलाफ एफआईआर

3 min read
Dec 05, 2020
1.jpg

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अंतर धार्मिक शादी भले ही दो परिवारों की रजामंदी से हो रही हो लेकिन अब दोनों परवारों को अंतर धार्मिक शादी कराने के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी नहीं तो सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यूपी के धर्म परिवर्तन प्रतिषेध कानून में धर्म परिवर्तन और शादी को लेकर कई अहम बातें कही गई हैं और नए प्रावधान भी किए गए हैं। अगर आप यूपी में अंतर धार्मिक शादी करना चाहते हैं तो मां-बाप और लड़के-लड़की को दो माह पहले अपने जिले के जिलाधिकारी के पास जाकर अंतर धार्मिक शादी करने की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही आप अंतर धार्मिक शादी कर पाएंगे। ऐसा न करने पर कानूनी अपराध माना जाएगा इसके साथ ही उल्लंघन करने पर आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

गौरतलब है कि यूपी की राजधानी लखनऊ में आपसी सहमती से हो रही एक अंतर धार्मिक शादी को पुलिस ने रुकवा दिया। पुलिस ने मीडिया से ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन दोनों पक्षों को थाने बुलाकर यूपी में लागू किए गए उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून की जानकारी दी और उन्हें डीएम से शादी की अनुमति लेने के लिए कहा। ऐसा इसलिए हुआ कि शादी करने वाले पक्ष को नए कानून की जानकारी नहीं थी। इसलिए उनको सबसे पहले अंतर धार्मिक शादी के लिए बनाए गए कानून के बारे में बताया और डीएम से शादी के लिए अनुमति लेने की सलाह दी।

दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 नवंबर को धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश को मंजूरी दी थी और बाद में राज्यपाल ने इस अध्यादेश को कानून के रूप में मान्यता दे दी। यह नया कानून प्रदेश में लागू हो गया है। इसमें धर्म परिवर्तन को लेकर महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं। लखनऊ की घटना से साफ हो गया कि यदि अलग-अलग धर्मों के बालिग लड़का-लड़की अपने परिवारवालों की आपसी सहमती से भी अंतरधार्मिक शादी करना चाहते हैं, तब भी उन्हें जिलाधिकारी के यहां दो माह पहले आवेदन कर शादी के लिए अनुमति लेनी होगी। यही वो कारण था, जिसकी वजह से गुरुवार को लखनऊ में आपसी सहमति से हो रही शादी को पुलिस ने रुकवा दिया और उन्हें डीएम से विवाह के लिए अनुमति लेने के लिए कहा। हालांकि इस मामले में लखनऊ डीएम अभिषेक प्रकाश का कहना है कि वे चुनाव में व्यस्त होने की वजह से अभी तक नए कानून का अवलोकन नहीं कर पाए हैं। इसे देखने के बाद ही वो इस मामले पर कुछ कह पाएंगे।

धर्म परिवर्तन करने को लेकर 8 के खिलाफ एफआईआर

यूपी के सीतापुर में शादी के लिए किशोरी को अगवा कर धर्म-परिवर्तन का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक सप्ताह पूर्व किशोरी को अगवा किया गया था। पुलिस ने धर्म परिवर्तन के आरोप में 8 लोगों पर केस दर्ज कर आरोपी युवक के भाई और बहनोई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धर्म परिवर्तन संशोधित अध्यादेश के तहत धाराओं की बढ़ोतरी भी की है। सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को कुछ लोगों ने करीब एक सप्ताह पूर्व अगवा कर लिया। पीड़िता की मां का आरोप था कि उसके घर से रुपये भी गायब हुए हैं। पहले उसने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था, लेकिन बाद में पीड़िता के पिता ने गांव के ही जुबराईल उसके भाई इजराइल, बहनोई उस्मान सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया था। उसने आईजीआरएस भी शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि पुत्री को अगवा कर उसका धर्म परिवर्तन कराने के लिए ले जाया गया है।

Published on:
05 Dec 2020 01:52 pm