मुंबई के घाटकोपर इलाके में जो चार्टर्ड विमान क्रैश हुआ उसने यूपी सरकार को भी हिला कर रख दिया है।
लखनऊ. मुंबई के घाटकोपर इलाके में जो चार्टर्ड विमान क्रैश हुआ उसने यूपी सरकार को भी हिला कर रख दिया है। शुरुआती जांच में बताया जा रहा था कि यह विमान यूपी सरकार का था, लेकिन तुरंत इस बात का खंडन करते हुए यूपी सरकार ने कहा कि यह विमार 2014 में ही बेच दिया गया था। वहीं अब प्रदेश सरकार जल्द ही इस मामले में डीजीसीए को पत्र भेजने की तैयारी में है। डीजीसीए ने साफ बताया है कि ऑपरेटर ने एयरक्राफ्ट यूपी सरकार से खरीदा था। इसी को लेकर यूपी सरकार में विशेष सचिव, नागरिक उड्डयन सूर्यपाल गंगवार ने डीजीसीए को पूरे तथ्य से अवगत कराने की बात कही है।
विशेष सचिव, नागरिक उड्डयन ने इस मामले में बताया कि मुंबई में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान जिसका कॉल साइन वीटीयूपीजेड है, ये वर्तमान में यूपी सरकार के स्वामित्व में नहीं है और न ही यूपी सरकार द्वारा इसका संचालन किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि 2014 में ही इसे यूवाई एविएशन के लिए बेच दिया था, जिसके मालिक दीपक कोठारी हैं। उसके बाद इस विमान का मालिक कौन है, इस बारे में हमें जानकारी नहीं है।
उन्होंने आगे बताया कि एयरक्राफ्ट पर किसी प्रकार का लोगो और डिस्प्ले केंद्र की डीजीसीए द्वारा निर्धारिक किया जाता है। यदि कोई कंपनी या आॅपरेटर अनाधिकारिक लोगो या डिस्प्ले एयरक्राफ्ट में लगाता है तो इसकी जांच dgca करती है। इस संबंध में जो भी तथ्य है वो राज्य सरकार की तरफ से उपलब्घ कराए जाएंगे।
पहले भी दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था विमान-
आपको बता दें कि चार्टर्ड विमान क्रैश में 5 लोगों की मौत हो गई है जिसमें पायलट के अलावा दो टेक्निशियन बैठे थे। इसके अलावा एक राहगीर भी मृतकों में शामिल है। जिस दौरान ये क्रैश हुआ, उससे पहले यह विमान टेस्ट ड्राइव के लिए उड़ा था। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी ये विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था और इसी कारण यूपी सरकार ने इसे बेच दिया था। विमान पर यूपी सरकार का लोगो लगा है, इसी को देखकर यह अनुमान लगाया गया कि ये विमान यूपी सरकार का हो सकता है है। कहा जा रहा है कि जिस दौरान ये विमान यूपी सरकार के पास था तब भी ये दुर्घटना का शिकार हुआ था। इसीलिए सरकार ने इसे बेच दिया था। हालांकि दुखद रूप से इसमें पांच लोगों की मौत हो गई, लेकिन विमान सीधा इलाके की जागृति बिल्डिंग के पास एक निर्माणाधीन बिल्डिंग पर गिरा, जिससे आसपास ज्यादा क्षति नहीं हुई।