
अपनी मनमानी और नियमों को ताख पर रखकर चलने वाले स्कूलों के खिलाफ योगी सरकार बड़ा एक्शन लेने जा रही है। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की तैयारी है। दरअसल, लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्कूलों की मान्यता रद्द करने की तैयारी कर ली है। राजधानी लखनऊ के करीब तीन दर्जन स्कूलों ने 100 दिन बीत जाने के बाद भी रिसोर्स मैपिंग की जानकारी पोर्टल की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की। पोर्टल पर स्कूल की वेबसाइट, वेब पेज और स्टूडेंट्स की ईमेल आईडी की डिटेल भी अपलोड नहीं की गई। इन स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश हैं। इस तरह के 38 स्कूलों पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।
बता दें कि पिछले वर्ष अक्टूबर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया था कि निर्धारित इनकम से कम गुजारा करने वाले परिवार में अगर एक से अधिक बेटियां हैं, और अगर वह किसी स्कूल, इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही हैं, तो दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। ऐसा न करने पर उस संस्थान की प्रतिपूर्ति को जब्त कर लिया जाएगा। विद्यालय ने इस तरह की छात्राओं की जानकारी मांगी थी जिसे 38 स्कूल संचालक देने में नाकामयाब रहे।
मांगी गई जानकारी न भेजने पर रद्द होगी मान्यता
DIOS लखनऊ ने सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को चिट्ठी लिखकर इन सभी 38 स्कूलों की मान्यता को रद्द करने का आदेश जारी किया है। इन सभी स्कूलों ने मांगी गई जानकारियां मुहैया नहीं कराई हैं। लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमर कांत ने कहा कि इन स्कूलों से कहा गया था कि वे अपने स्कूलों की जानकारियों को मुहैया कराएं। लेकिन लापरवाही दिखाते हुए उन्होंने ऐसा नहीं किया। मांगी गई जानकारी को माध्यमिक शिक्षा पोर्टल की वेबसाइट पर 26 मई तक जमा करना था। देरी होने पर कई बार तारीखों को आगे बढ़ा दिया गया। लेकिन फिर भी इन स्कूलों ने सुध नहीं ली। लिहाजा परिषद को कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
किसी संस्थान ने नहीं दी जानकारी
सीएम योगी के पिछले वर्ष के ऐलान के बाद भी किसी संस्थान ने इस तरह की जानकारी साझा नहीं की। लिहाजा, ऐसे स्कूलों पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।