UP में मदरसों के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। मदरसा सर्वे के दौरान 8,000 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का पता चला है।
योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश भर में मदरसों के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। सर्वे के दौरान 8,000 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का पता चला है। ऐसे सबसे अधिक मदरसे मुरादाबाद में हैं। UP सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों पर कार्रवाई की जाएगी।
सभी जिलों के मदरसों की रिपोर्ट इकट्ठा की जा रही है और 15 नवंबर को फाइनल रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। बता दें कि मदरसा सर्वे के दौरान 100 से अधिक मदरसे केवल कागज पर पाए गए।
UP माइनॉरिटी मंत्री ने स्थिति की स्पष्ट
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवा को कहा कि राज्य में मदरसों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और सरकार जल्द ही सर्वेक्षण में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर नीतिगत निर्णय लेगी।
धर्मपाल सिंह ने कहा, "उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मदरसों का सर्वेक्षण मंगलवार को समाप्त हो गया है और शेष 15 जिलों की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। अब मदरसा सर्वे के निष्कर्षों पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा की जाएगी।"
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले मदरसों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, "हमने राज्य में मदरसों पर विशेष ध्यान दिया है जो सरकारी मानदंडों के खिलाफ चल रहे हैं और अब हम अगला कदम तय करेंगे।"
एक महीने पहले 12 अक्टूबर को UP के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने बताया था कि राज्य में 6,436 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हैं और जल्द ही सर्वे पूरा कर लिया जाएगा।
सर्वेक्षण के आंकड़े 15 नवंबर तक जिलाधिकारियों द्वारा सरकार को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। मदरसा सर्वे की अंतिम तिथि बढ़ानी पड़ी क्योंकि कुछ जिलों से रिपोर्ट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नहीं मिली थी।
मदरसा सर्वे पर योगी सरकार की सोच
सर्वेक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। हालांकि मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि यह सर्वेक्षण अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया गया था।
इस बीच, यूपी मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष जावेद इफ्तिखार ने कहा कि सभी मदरसों ने राज्य भर में सर्वे करने वाले अधिकारियों की टीम के साथ सहयोग किया।
उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार मदरसों का विश्वास जीतने में सफल रही है और राज्य के 75 जिलों में सफल सर्वेक्षण ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है और मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा में लाने और उनके शिक्षण मानकों में सुधार करने में यह एक लंबा सफर तय करेगा।