लखनऊ

मंत्री ओम प्रकाश राजभर बोले- जनता जिसके साथ कहेगी उसी के साथ होगा गठबंधन

जनता जहां कहेगी हम उसकी साथ जाते हैं। हम खुद तय नहीं करते कि हमें किसके साथ जाना है
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Oct 05, 2018
Omprakash Rajbhar
ओमप्रकाश राजभर

महेन्द्र प्रताप सिंह / अनिल के. अंकुर
लखनऊ। अपने संवादों और बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व यूपी सरकार के कबीना मंत्री ओम प्रकाश राजभर इन दिनों फिर चर्चा में हैं। लोकसभा चुनाव में वे किस करवट बैठेेंगे इसको लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। उनकी नाराजगी लगातार भाजपा सरकार से रही। पहले वे केन्द्र की भाजपा सरकार से नाराज रहते थे अब वे यूपी की योगी सरकार से भी उतने ही ज्यादा खफा रहते हैं। पिछड़ों को समान हक दिलाने का मामला हो या प्रमोशन में आरक्षण का अथवा विवेक तिवारी को मुआवजा देने का मामला हो, ओम प्रकाश राजभर ने जब भी बोला, वह नया विवाद बन गया। पत्रिका ने उनसे आज बेबाक बात की। पेश हैं अंश-

सवाल- आप तो भाजपा सरकार के सहयोगी दल हैं। ऐसे में आपकी भाजपा से क्या नाराजगी है?
उत्तर- अगर हम इंसाफ दिलाने की बात करें तो हम क्रांतिकारी कहे जाने लगते हैं। अगर गरीबों, दलितों और पिछड़ों को इंसाफ दिलाने की बात उठान क्रांति है तो हम ये क्रांति बार बार करेंगे।

सवाल- केन्द्र सरकार ने आरक्षण के मुद्दे पर दांव चला था। आपको क्या लगता है कि इसका लाभ भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मिलेगाï?
उत्तर- लाभ? कैसा लाभ? भाजपा ने जो चाल चली, वही उसके उलटे पड़ गई। अब अपनी बचाए घूम रहे हैं। देखिएगा आगे क्या होने वाला है।

सवाल- आपकी अपने सहयोगी दल भाजपा से लगातार टशन बनी रहती है। आगे आप के किसके साथ जाएंगे।
उत्तर- हम जनता के साथ जाएंगे। जनता जहां कहेगी हम उसकी साथ जाते हैं। हम खुद तय नहीं करते कि हमें किसके साथ जाना है।

सवाल- गठबंधन में आपका क्या रोल होगा? किसके साथ होगा गठबंधन?
उत्तर- बोला न, जनता के साथ हूं। जनता जिसके साथ कहेगी उसी के साथ गठबंधन होगा।

सवाल- यूपी सरकार के रवैये से आप कितना खुश हैं?
उत्तर- बिल्कुल नहीं। यहां हम एक सिपाही को तो हटवा नहीं पाते हैं। काहे के हम मंत्री हैं। कप्तान से शिकायत की तो उसने दूसरे थाने में पोस्ट कर दिया। चार दिन का दंड नहीं दिला पाया मैं।

सवाल- पुलिस होती ही ऐसी है। विवेक तिवारी को मार दिया?
उत्तर- अरे वह पंडितजी महराज थे तो सब कुछ ठीक हो गया। सारे बाह्मन मंत्री भी बोलने लगे। ये कौन सी सरकार है कि पंडित का लड़का मरे तो 25 लाख, यादव मरे तो 20 लाख और मुसलमान मरे 5 पांच लाख, राजभर मरे तो एक लाख और दलित मरे तो 25 हजार। सरकार का ये कौन सा फार्मूला है।

सवाल- क्या आपको लगता है कि सरकार न्याय कर रही है?
उत्तर- मेरा सवाल है कि यूपी में दो जातियों के साथ न्याय और दो के साथ अन्याय क्यों? बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर ने आरक्षण के लिए चार जातियां बनाई हैं। एक एससी दूसरी एसटी, तीसरी ओबीसी और चौथी सामान्य जाति। अब ये कौन सी बात होती है कि पढ़ाई लिखाई के लिए निशुल्क सुविधा दो जातियों को मिले और बाकी जातियों के गरीबों को न मिले। यह तो अन्याय है। बाबा साहत के ने तो यह नहीं कहा था। सरकार को हर गरीब के बारे में सोचना होगा।

Updated on:
05 Oct 2018 04:15 pm
Published on:
05 Oct 2018 04:15 pm