मंत्री बोले निशुल्क सुविधा दो जातियों को मिले और बाकी जातियों के गरीबों को न मिले
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ने ऐप्पल कम्पनी के मैनेजर की हत्या पर एक विवादास्पद बयान दे दिया है। उनके इस बयान से यूपी के सियासी हल्के में चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि ये कौन सी सरकार है कि पंडित का लड़का मरे तो 25 लाख, यादव मरे तो 20 लाख और मुसलमान मरे 5 पांच लाख, राजभर मरे तो एक लाख और दलित मरे तो 25 हजार। सरकार का ये कौन सा फार्मूला है।
मुआवजे का मानक बनाए सरकार
उन्होंने पत्रिका से खास बातचीत करते हुए कहा कि सरकार को मदद करने का एक तय शुदा मानक बनाना चाहिए। जातियों के आधार पर ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए। वह फिर बोले एक पंडित अंग्रेजों ने मारा तो सारे पंडितों ने मिलकर अंग्रेजों को भगा दिया। बड़ी ताकत है इन पंडितों में। इसीलिए मुआवजा भी ज्यादा दिया गया।
घटना में पुलिस का रोल निंदनीय
विवेक तिवारी की हत्या पर मंत्री ने इस बात को माना कि पुलिस का रोल पूरे घटना क्रम में निंदनीय रहा है। अधिकारी किसी न किसी रूप में दोषी सिपाहियों को बचाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। पुलिस एक अनुशासित सुरक्षा संगठन के रूप में दिखनी चाहिए, पर ऐसा नहीं है।
दो जातियों के साथ न्याय और दो के साथ अन्याय क्यों
राजभर बोले कि बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर ने आरक्षण के लिए चार जातियां बनाई हैं। एक एससी दूसरी एसटी, तीसरी ओबीसी और चौथीसामान्य जाति। अब ये कौन सी बात होती है कि पढ़ाई लिखाई के लिए निशुल्क सुविधा दो जातियों को मिले और बाकी जातियों के गरीबों को न मिले। यह तो अन्याय है। बाबा साहत के ने तो यह नहीं कहा था। सरकार को हर गरीब के बारे में सोचना होगा।
विवेक हत्याकांड पर यूपी के मंत्री ने दिया बड़ा बयान-
बोले पंडित का बेटा मरे तो 25 लाख और दलित का मरे तो 25 हजार