
UP Monsoon Session:उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार (3 अगस्त 2026) से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र चार दिनों तक चलेगा। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार के पास अब सिर्फ "चार दिन" ही बचे हैं, इसलिए विधानसभा का सत्र भी चार दिनों का रखा गया है। उन्होंने मानसून सत्र को लेकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट भी शेयर किया है। माना जा रहा है कि इस सत्र में अयोध्या में चंदे की राशि में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी गरमा सकता है।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर व्यंग्यात्मक अंदाज में पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि
पहला दिन: श्रद्धांजलि के साथ सत्र की शुरुआत होगी।
दूसरा दिन: अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर से जुड़ी कथित सुनियोजित चोरी के "महापाप" की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाल दी जाएगी।
तीसरा दिन: प्रयागराज सहित पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलनों से बचने की कोशिश की जाएगी।
चौथा दिन: दुखी मां के कथित सार्वजनिक अपमान के मुद्दे पर जवाब देने से बचते हुए जल्दबाजी में सत्र समाप्त करने की घोषणा कर दी जाएगी।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि भाजपा को यह पता है कि वह अब दोबारा कभी भी सत्ता में नहीं आने वाली है। यही वजह है कि वह विधानसभा को गंभीरता से नहीं ले रही और केवल औपचारिकता निभाने के लिए सत्र आयोजित कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि "भाजपा की चला-चली की बेला का मानसून सत्र भी चला-चली टाइप का सत्र है। अब भाजपा जाएगी, फिर कभी नहीं आएगी।"
मानसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट, विभिन्न विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, विपक्ष भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। माना जा रहा है कि विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सदन में हंगामा कर सकता है। दूसरी ओर, सरकार इस सत्र के दौरान योगी सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां और रिपोर्ट सदन के सामने रख सकती है।
4 अगस्त: सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश कर सकती है।
5 अगस्त: विभिन्न विधेयकों पर चर्चा और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्य पूरे किए जा सकते हैं।
6 अगस्त: अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद सदन का शेष कामकाज निपटाया जाएगा और सत्र का समापन होगा।