लखनऊ

पंचायत चुनाव: ग्राम प्रधानों को बनाया जाएगा प्रशासक? पंकज चौधरी और सीएम योगी से भी हो चुकी मुलाकात, अंतिम फैसले का इंतजार

Panchayat Chunav Update: पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ग्राम प्रधान संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मुद्दे पर जानिए क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया?

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May 19, 2026
पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट। फोटो सोर्स-ai

Panchayat Chunav Update:लखनऊ में राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मुद्दे पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। संगठन ने कहा है कि सरकार और भाजपा संगठन की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासनों के बाद अब वह 26 मई तक सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार करेगा। यह निर्णय रविवार को हजरतगंज स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें प्रदेशभर से संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए।

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डॉ. अखिलेश सिंह बने संगठन के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में डॉ. अखिलेश सिंह को संगठन का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों की मांगों को लेकर संगठन लगातार सरकार के संपर्क में है और पंचायतों के संचालन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से मुलाकात कर ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने की मांग रखी गई थी। संगठन का कहना है कि पंचायतों में प्रशासनिक अनुभव और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी मौजूदा प्रधानों के पास होती है, इसलिए उन्हें ही कार्यवाहक प्रशासक बनाया जाना चाहिए।

पंचायतीराज मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा गया ज्ञापन

डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि 6 मई को पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) को ज्ञापन सौंपकर संगठन की मांगों से अवगत कराया गया था। इसके बाद 16 मई को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) के साथ भी बैठक हुई, जिसमें संगठन को सकारात्मक आश्वासन मिला।

संगठन का कहना है कि प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। इसके बाद पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी। ऐसे में संगठन चाहता है कि वर्तमान प्रधानों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जाए।

राजस्थान और उत्तराखंड मॉडल का दिया हवाला

बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने राजस्थान और उत्तराखंड में लागू व्यवस्थाओं का उदाहरण भी दिया। संगठन का कहना है कि इन राज्यों में पंचायत चुनाव तक मौजूदा प्रधानों को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई थी। इसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में भी लागू करने की मांग की जा रही है। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव गणेश ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा, गोपीनाथ गिरी, ताकीब रिजवी और घनश्याम पांडेय समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन और नारेबाजी

वहीं, अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार समय पर पंचायत चुनाव नहीं करा पाती और ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति करती है, तो यह ग्राम स्वराज की भावना के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि यदि समय पर चुनाव संभव नहीं हैं, तो मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह ग्राम प्रधानों को वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार देकर कार्यवाहक प्रशासक घोषित किया जाना चाहिए।

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