
चिराग पासवान। IANS
Chirag Paswan Lucknow Rally: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। इसी क्रम में एनडीए के प्रमुख सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रविवार 5 जुलाई को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
माना जा रहा है कि लोजपा (रामविलास) का यह कदम विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन मजबूत करने और दलित वोट बैंक में पैठ बनाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और सांसद अरुण भारती ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चिराग पासवान इस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति समझाएंगे और यूपी को लेकर पार्टी की आगामी योजना का खाका पेश करेंगे। प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष द्वारा चलाए गए संविधान और आरक्षण खतरे में है वाले नैरेटिव पर निशाना साधते हुए अरुण भारती ने कहा कि यह पूरी तरह झूठा भ्रम था। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान लगातार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि जब तक रामविलास पासवान का वंशज मौजूद है, तब तक न संविधान को खतरा है और न आरक्षण को। भारती ने कहा कि चिराग पासवान अब खुद यूपी की जनता के बीच आकर विपक्ष के इस नैरेटिव को खारिज करेंगे।
पार्टी ने इस सम्मेलन के जरिए उत्तर प्रदेश में दलित प्रतिनिधित्व मजबूत करने पर फोकस करने की बात कही है। इसके साथ ही कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए अरुण भारती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा हार का अंदेशा होने पर ही दलित चेहरों को आगे करती है। उन्होंने राजेंद्र पाल गौतम को आगे बढ़ाए जाने को कांग्रेस की हार की स्वीकारोक्ति करार दिया और मीरा कुमार व के. सुरेश जैसे पूर्व उदाहरणों का हवाला देकर पार्टी की नीयत पर सवाल उठाए।
यूपी में स्वतंत्र रूप से जमीन तलाशने को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए अरुण भारती ने कहा कि गठबंधन में किसी तरह की अंदरूनी खींचतान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और चिराग पासवान का यह दौरा गठबंधन को कमजोर करने के बजाय जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए है।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने शुक्रवार को अयोध्या राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद पर बात की और इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने वालों की निंदा की। उन्होंने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकारें पूरी जांच सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार किसी भी वित्तीय गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह पूरी तरह गलत है। कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर रहा है कि वहां कुछ गड़बड़ हुई है।प्रधानमंत्री हों या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, सभी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि दोषियों को बख्शा न जाए। हम सभी उन लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिन्होंने भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
चिराग पासवान ने इस बात पर भी जोर दिया कि बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी की मौत की न्यायिक जांच के बीच न्याय की प्रक्रिया राजनीतिक या सांप्रदायिक विमर्श से अलग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध तो अपराध होता है। जो लोग अपराध में जाति और धर्म को घसीटते हैं, वे सस्ती राजनीति कर रहे हैं। जिन्होंने गलत किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। मैं कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से मिला था और आज मैं पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा हूं। अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।"
Updated on:
04 Jul 2026 12:31 pm
Published on:
04 Jul 2026 12:09 pm
