
विपक्ष के आरोपों पर मंत्री का पलटवार, कहा- विरोध करना विपक्ष का काम, सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Ayodhya Ram Temple Donation Case: अयोध्यास्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के दान से जुड़ी कथित गबन की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्माती जा रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस पूरे प्रकरण को पूरी गंभीरता से ले रही है और जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और विरोध करना होता है। यदि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन या रैली करता है तो यह उसका राजनीतिक अधिकार है। लेकिन केवल आरोप लगाने से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई में विश्वास रखती है।
राजभर ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जानकारी दी गई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है। यह टीम दान राशि के प्रबंधन, लेखा-जोखा और कथित गबन से जुड़े सभी दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि जांच केवल आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाया जा रहा है कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, धन का उपयोग किस प्रकार किया गया और किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई।
ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई है, उनमें से आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर मिलने वाले दान का प्रत्येक रुपया पूरी पारदर्शिता के साथ उपयोग होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को स्वीकार नहीं करेगी। यदि किसी व्यक्ति ने श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है तो उसे कानून के अनुसार दंड अवश्य मिलेगा।
राजभर ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे इस मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और समय-समय पर अधिकृत एजेंसियों द्वारा जानकारी दी जा रही है। इसलिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में गलत जानकारी फैलाने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी लोगों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि धार्मिक संस्थानों में आने वाले दान का प्रबंधन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। आधुनिक तकनीक, नियमित ऑडिट और मजबूत निगरानी व्यवस्था से इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है। सरकार भविष्य में भी ऐसी व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि फिलहाल जांच जारी है और एसआईटी सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी दोषी को बचाने का प्रयास नहीं करेगी और कानून के दायरे में रहकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा स्पष्ट है,यदि किसी ने श्रद्धालुओं के दान में गड़बड़ी की है तो उसे उसके किए की सजा अवश्य मिलेगी। इसलिए जनता को जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
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Published on:
04 Jul 2026 10:01 am
