
हिंदू समाज आहत है, सरकार सख्त कार्रवाई के लिए तैयार', कांग्रेस और अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Giriraj Singh on Ram Temple Donation Case:अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के दान से जुड़े कथित गबन के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस घटना से पूरे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करने के लिए तैयार है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।
गिरिराज सिंह ने इस दौरान कुछ लोगों को 'फर्जी राम भक्त' बताते हुए कहा कि ऐसे लोग स्वयं को सनातनी बताकर समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि सनातन समाज को ऐसे लोगों की पहचान करनी होगी जो आस्था का इस्तेमाल अपने निजी स्वार्थ के लिए करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा किश्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया दान पूरी श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक होता है। यदि उस धन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कथित गबन हुआ है, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला मामला है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरा हिंदू समाज दुखी और आहत है। इसलिए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
गिरिराज सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेशसरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और यदि किसी की भी भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति बिल्कुल साफ है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि वह दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
अपने बयान में गिरिराज सिंह ने कहा कि आजकल कुछ लोग स्वयं को सनातनी और भगवान राम का भक्त बताकर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को 'फर्जी राम भक्त' बताते हुए कहा कि देश के सनातन समाज को उनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सच्चा भक्त कभी भी भगवान के नाम पर आए धन के साथ गलत नहीं कर सकता। जो लोग आस्था का उपयोग निजी लाभ के लिए करते हैं, वे समाज और धर्म दोनों के साथ अन्याय करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने वर्षों तक भगवान राम के अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया, वे आज स्वयं को रामभक्त बताने का प्रयास कर रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोग अब राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए राम के प्रति अपनी आस्था प्रदर्शित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर उचित निर्णय भी करेगी।
हालांकि मंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात दोहराई, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने देना जरूरी है। जांच एजेंसियां सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष को परेशान करना नहीं, बल्कि वास्तविक दोषियों को सजा दिलाना है।
गिरिराज सिंह ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की कि वे इस मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि आधिकारिक जांच जारी है और सरकार समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी फैलाने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के सभी बड़े धार्मिक संस्थानों में आने वाले दान के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। आधुनिक तकनीक, नियमित ऑडिट और मजबूत निगरानी व्यवस्था से इस प्रकार की घटनाओं की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास हमेशा कायम रहे।
अपने बयान के अंत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दोहराया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
Updated on:
04 Jul 2026 10:19 am
Published on:
04 Jul 2026 10:19 am
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