
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य बोले- प्रशासन कर रहा सख्त कार्रवाई, दोषियों से कराई जा रही धन की वसूली (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Ayodhya Ram Mandir Donation Dispute Row:श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने रामलला के धन की चोरी के मामले में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान रामलला के नाम पर एकत्रित धन में चोरी की है, उन्होंने केवल कानून ही नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भी विश्वासघात किया है। ऐसे लोगों के लिए कोई नरमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रामलला के धन की चोरी करने वालों को फांसी जैसी कठोर सजा मिलनी चाहिए।
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने कहा कि इस मामले में प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रहा है। प्रारंभिक जांच के बाद जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगा और जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे न्यायालय से उचित दंड मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि चोरी की गई राशि की भी लगातार वसूली की जा रही है। संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं ताकि किसी भी दोषी को कानून के शिकंजे से बचने का अवसर न मिले।
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने कहा कि यह केवल आर्थिक अपराध नहीं है। रामलला के नाम पर आने वाला प्रत्येक दान श्रद्धालुओं की श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का प्रतीक होता है। देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ मंदिर में दान करते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति उस धन में हेराफेरी या चोरी करता है, तो वह करोड़ों भक्तों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर एकत्रित धन का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं, धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किया जाता है। इसलिए इस धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने जानकारी दी कि चोरी की गई धनराशि की वसूली का काम भी तेजी से चल रहा है। प्रशासन संबंधित लोगों से पूछताछ कर रहा है और जहां-जहां धन के इस्तेमाल या छिपाए जाने की जानकारी मिल रही है, वहां कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि अधिकांश राशि वापस प्राप्त कर ली जाएगी और दोषियों को उनके कृत्य की पूरी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कानून की प्रक्रिया के तहत जो भी कदम आवश्यक होंगे, प्रशासन उन्हें पूरी मजबूती के साथ उठाएगा।
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने इस पूरे प्रकरण के बीच श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन दोनों इस मामले को पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से देख रहे हैं। किसी भी दोषी को बचाने का प्रयास नहीं किया जाएगा। इसलिए लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और उसकी गरिमा तथा पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इस घटना के बाद मंदिर परिसर की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार दान राशि की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और लेखा प्रणाली को और पारदर्शी तथा आधुनिक बनाने की दिशा में भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक संस्थानों में बड़ी मात्रा में आने वाले दान के प्रबंधन के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था और नियमित ऑडिट आवश्यक है। इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है।
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने अपने बयान के अंत में कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने रामलला के धन की चोरी की है, वे कानून से बच नहीं पाएंगे। सभी दोषियों को जेल जाना ही होगा और उनसे पूरी धनराशि की वसूली भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध समाज के लिए भी गलत संदेश देते हैं, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने दोहराया कि भगवान रामलला के धन में चोरी करने वाले लोगों ने केवल आर्थिक अपराध नहीं किया, बल्कि धार्मिक आस्था का भी अपमान किया है। इसलिए उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का अपराध करने का साहस न कर सके।
Published on:
04 Jul 2026 08:00 am
